ईशान किशन का जन्मदिन बना यादगार,भारतीय वनडे इतिहास के केवल दूसरे खिलाड़ी बने

HAPPY BIRTHDAY ISHAN KISHAN

न्यूज डेस्क : भारत के युवा विकेटकीपर ईशान किशन का 18 जुलाई यानी आज जन्मदिन है। 23 वर्षीय किशन भारत के दूसरे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 16वें खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने जन्मदिन पर डेब्यू किया है। भारत की ओर से ईशान किशन से पहले गुरशरण सिंह एकमात्र खिलाड़ी थे जिन्होंने अपने जन्मदिन के रोज डेब्यू किया था। उन्होंने 1990 में हेमिल्टन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने करियर की शुरुआत की थी। बता दे की धवन ने पहले वनडे के लिए एक ऐसे खिलाड़ी को वनडे डेब्यू का मौका दिया है जो अंडर-19 विश्व कप में भारत की कप्तानी कर चुका है और आईपीएल में लगातार अपने बल्ले से रन बरसाता आ रहा है।

ईशान युवाओं के उभरते बल्लेबाज में से एक माने जाते हैं: आपको बता दे की इशान की गिनती भारत के उभरते हुए बल्लेबाजों में की जाती है और उन्हें देश का भविष्य भी कहा जाता है। इशान ने इसी साल 14 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला था और अपने पहले ही टी20 में अर्धशतक जमाया था। अब उनको वनडे में डेब्यू करने का मौका मिल रहा है। इशान की कोशिश होगी कि जिस शानदार तरह से उन्होंने टी20 डेब्यू किया था उसी तरह से वह वनडे डेब्यू में भी अपनी छाप छोड़ें। इशान दूसरे ऐसे भारतीय और कुल 16वें खिलाड़ी हैं जो अपने जन्मदिन के दिन डेब्यू कर रहे हैं। भारत की तरफ से उनसे पहले गुरशरण सिंह ने 1990 में हेमिल्टन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने जन्म दिन के दिन डेब्यू किय था।

ईशान किशन का जन्मदिन बना यादगार,भारतीय वनडे इतिहास के केवल दूसरे खिलाड़ी बने 1

कप्तानी पारी बखूबी निभाया था : बता दे की ईशान ने 2016 में अंडर-19 टीम की कप्तानी की थी और टीम को फाइनल में ले के गए थे। लेकिन , फाइनल में वह टीम को जीत नहीं दिला पाए थे। हालांकि, उन्होंने यहां से साबित कर दिया था कि उनमें नेतृत्व करने की क्षमता है और साथ ही एक बड़ा बल्लेबाज बनने की काबिलियत। इसी विश्व कप के बाद से वह आईपीएल में कदम रखने में सफल रहे थे।

ये भी पढ़ें   IND vs AUS : पहले पकड़ी गर्दन अब बीच मैदान में रोहित ने दिनेश कार्तिक को किया किस, फोटो वायरल

बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था: आपको बता देगी ईशान बचपन से क्रिकेट के प्रति दीवानगी थी। नौबत यहां तक आ गई कि उन्‍हें स्‍कूल से निकाल दिया गया था। पिता प्रणव पांडेय के मुता‍बिक इशान शुरू से ही पढ़ाई में कमजोर थे। क्रिकेट के कारण स्कूल डीपीएस से हमेशा गायब रहते। इसी कारण नौवीं क्लास में स्कूल से बाहर कर दिया गया। जैसे-तैसे कर दानापुर के एक स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की। संतोष कुमार और उत्तम मजुमदार के साथ ही बड़े भाई राज किशन ने भी इशान की प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई। आज वह इशान युवाओं का हीरो बन चुका है।