Olympics: दीपक पुनिया के कोच ने हार के बाद रेफरी पर किया जोरदार हमला, हुआ ये बड़ा एक्शन

Deepak Punia

न्यूज डेस्क : भारतीय पहलवान दीपक पूनिया के विदेशी कोच मोराड गेद्रोव को ओलिंपिक से बाहर कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि कांस्य पदक मुकाबले में दीपक की हार के बाद वे रेफरी के कमरे में गए और मुकाबले में निर्णय करने वाले रेफरी पर हमला कर दिया। दीपक पूनिया सैन मैरिनो के नाजेम मायलेस से हार गए थे। जिसके बाद उन्होंने गुस्से में यह कदम उठाया। वहीं भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राजीव मेहता ने ट्वीट कर बताया कि मुराद को खेल गांव से हटा दिया गया है और उन्हें भारत भेजा जा रहा है।

घटना के बाद रेसलिंग की इंटरनेशनल गवर्निंग बॉडी Federation Internationale des Luttes Associees (FILA) ने फौरन मामले की जानकारी इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी को दी। साथ ही साथ भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) से भी बात की गई। सुनवाई के दौरान WFI ने माफी मांगी इसके बाद उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इस दौरान FILA ने भारतीय कुश्ती महासंघ से पूछा कि उसने गेदरोव के खिलाफ क्या कार्रवाई की है। इस पर भारत की ओर से कहा गया हउन्होंने गेदरोव को टर्मिनेट कर दिया है। उसके बाद FILA ने इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी से कहा मुराद गेदरोव के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। उसकी ओर से कहा गया कि यह पूर्व रूसी खिलाड़ी आदतन अपराधी हैं।

उनका कहना है कि पहले भी इस तरह की घटनाओं में गेदरोव का नाम आया था। तब सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ा गया दिया गया था। बताते चले कि रूस के मुराद गेदरोव ने 2008 बीजिंग ओलिंपिक में 74 किलो कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था लेकिन 2004 एथेंस ओलिंपिक के दौरान उन्हें डिसक्वालिफाई किया गया था। कहा जाता है कि तब क्वार्टर फाइनल में हार के बाद उनके द्वारा जीतने वाले खिलाड़ी पर हमला कर दिया गया था। अंतरास्ट्रीय ओलिंपिक कमिटी ने बाद में मुराद गेदरोव का एक्रिडिटेशन कार्ड रद्द कर दिया। साथ ही टोक्यो में मौजूद भारतीय दल को लिखित में कहा कि वह उन्हें फौरन खेल गांव से निकाल दें।

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