Thursday, July 18, 2024
Railway News

माईट्रिप ने ट्रेन यात्रा अनुभव में बदलाव लाने के लिए पेश कीं अभूतपूर्व तकनीक-संचालित सुविधाएँ”

Train Ticket  MakeMyTrip ने नई टेक्नॉलॉजी वाली चीज शुरू की हैं। अब सभी यात्रियों को Ticket Book कराने में होने वाली परेशानी को दूर करने हेतु MakeMyTrip ने नए फीचर्स डाले हैं। इन लोगों ने पूरे टिकट बुकिंग प्रोसेस को अलग अलग लेवल पर बांटा गया है। Train Journey को बेहद ही आसान बनाने के लिए अब MakeMyTrip ने नई तकनीक वाली चीज शुरू की है। अब सभी यात्रियों को टिकट बुक करने में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए MakeMyTrip ने कई नए फीचर्स लाए हैं। कंपनी ने पूरे टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अलग-अलग लेवल में बांटा है और हर लेवल में तकनीक का इस्तेमाल करके चीजों को बेहद सिंपल बना दिया गया है।

इनमें से एक खास फीचर जो नया दिया है उसका नाम है ‘सीट लॉक’- दरअसल ये बिल्कुल नया वाला फीचर है। इसकी मदद से आप पूरी टिकट सिर्फ 25% देकर अपनी बना सकते हैं, अब बात करें बची हुई बाकी रकम की तो वह आपको यात्रा से 24 घंटे पहले देनी होगी। ट्रेन की टिकट को बुक कराते समय एक और परेशानी ये देखने को मिलती है की उसमें हमेशा आपकी पसंद की डेट को ट्रेन में कंफर्म टिकट नहीं मिलता है। ऐसे में अब आपके पास बहुत कम तरीके बचते हैं। MakeMyTrip के ‘कनेक्टेड ट्रैवल’ फीचर अभी अभी लांच हुआ है। जिससे यह समस्या दूर हो जाती है। यह फीचर बस और ट्रेन की यात्रा भी बताते हैं। इन सुझावों में रुकने का टाइम और पूरी यात्रा का टाइम भी ध्यान में रखता है। MakeMyTrip के मालिक और CEO राजेश मगोवन ने बताया कि ‘हम MakeMyTrip में ट्रेन यात्रा को और भी बेहतर बनाने और हर तरह से यात्रा को यादगार बनाने के लिए कार्यरत हैं। हमने Train यात्रा के पूरे के पूरे अनुभव को देखा गया है। इसमें ट्रेन की योजना बनाना और सही टाइम पर ट्रेन को चुनने से लेकर टिकट खरीदने एवं यात्रा तक की सभी चीजें शामिल हैं।

अब एक बिलकुल नया फीचर लांच हुआ है जिसको कहते हैं ‘रूट एक्सटेंशन असिस्टेंस’ – इसे अब MakeMyTrip की तकनीक से बनाया गया है। यह फीचर ऐसा है जिससे आपकी समस्या सुलझ जाएगी। उदाहरण यदि स्टेशन A से B तक का लिया जाए तो उसमें यदि आपको कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा, तो ये फीचर भी उस ही ट्रेन में स्टेशन A से लेकर C तक का टिकट खरीद देगा। आप स्टेशन B पर भी उतर सकते हैं और ये रास्ते में ही पड़ जाता है। ज्यादातर यूज़र को खुद ही ऐसे रास्ते सर्च करना मुश्किल हो जाता है।