मंझौल में लकड़ी तस्कर रात के अंधेरे में काट रहे सरकारी पेड़ ,पुलिस की गश्ती पर उठ रहे सवाल

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न्यूज डेस्क : बेगूसराय के मंझौल ओपी क्षेत्र में प्राकृतिक सम्पदाओं का दोहन लगातार जारी है। क्षेत्र में रात के अंधेरे में सरकारी पेड़ों की धरल्ले से कटाई की जा रही है। ताजा मामला मंझौल घाट जाने वाले ढलान के समीप है। जहाँ शुक्रवार की अलसुबह बूढ़ी गण्डक नदी के बाएं तटबन्ध पर लगा वर्षों पुराना शीशम का पेड़ कटा हुआ ग्रामीणों ने देखा। जर से पेड़ को बहुत सलीके से काटा गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक उक्त शीशम का पेड़ बिजली की तार पर गिरने के कारण रात्रि के एक बजे से मंझौल , पबरा , कमला , सिवरी सभी गांवों में बिजली बाधित हो गयी । ब्रेक डाउन हो गया था । ग्रामीणों में दबी जुवान शीशम चोरी की चर्चा होती रही। हलांकि शुक्रवार दिन तक तटबन्ध पर शीशम का छिप(ऊपर) वाला भाग परा हुआ रहा। जबकि पेड़ का नीचे का भाग काटने वाले लोग ले जाने में कामयाब रहे। हालांकि क्षेत्र में यह घटना कोई पहली घटना नहीं है। कावर परिक्षेत्र में चोरी छिपे काष्ठीय पेड़ों की कटाई की जाने वाली ऐसी घटनाएं आम हो गयी है । अब तटबन्ध में लगे हुए काष्ठीय वृक्ष पर लकड़ी तस्करों ने निशाना लगाना शुरू किया है । जो कि वन विभाग के अधिकारियों के लिये भी चुनौती का विषय माना जा रहा है।

क्षेत्र में इस प्रकार की घटना से पुलिस गश्ती पर भी सवाल उठने लगे हैं । पेड़ की मोटाई और लंबाई से लोग यह अंदाजा लगाते दिखे की कम से कम दो से तीन घण्टे तक इसके काटने और टुकड़ा कर लोड करने में लगा हुआ होगा । इतने समय में पुलिस अगर इधर एक चक्कर भी मारती तो सरकार के राजस्व में और पर्यावरण को इतना बड़ा नुकसान नहीं पहुंचता । इस वाबत में वन विभाग के अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस घटना की जानकारी मुझे मिली है । रेंजर को घटनास्थल पर भेजा गया है ।