उद्घाटन के बावजूद नहीं टपका घरों में लगे नल से पानी, मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना पर लगा ग्रहण, ग्रामीणों ने कहा-

खोदावंदपुर/बेगूसराय. खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय के तहत संचालित हर घर जल का नल योजना अधर में नजर आ रही है. लेकिन कार्य पूरा किये बिना ही इस योजना का उद्घाटन कर दिया गया. उद्घाटन के चार माह बीतने के बाद भी आज तक इस योजना क्षेत्र में लगाया गया नल से एक बूंद पानी भी लोगों के घरों में नहीं टपका है. बताते चलें कि प्रखंड क्षेत्र की तीन पंचायत सागी, दौलतपुर एवं बाड़ा में नीर निर्मल परियोजना ग्रामीण जलापूर्ति एवं स्वच्छता परियोजना से सात पानी टावरों का निर्माण किया गया है.

करोड़ों रुपये की प्राक्कलित राशि से सागी पंचायत में दो, दौलतपुर पंचायत में दो और बाड़ा पंचायत में तीन पानी टावर बनाया जाना है. जिसमें सागी पंचायत के नकटा पोखर स्थित गोसाइमठ में टावर निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है.परंतु इसी पंचायत के नुरूल्लाहपुर गांव में यह कार्य निर्माणाधीन है. दौलतपुर पंचायत के मोहनपुर एवं दौलतपुर गांव में पानी टावर बनकर तैयार है. जबकि बाड़ा पंचायत के बाड़ा एवं तेतराही गांव में भी टावर का निर्माण कार्य पुरा हो चुका है. ग्रामीणों ने मोहनपुर एवं बाड़ा गांव में कभी कभार पानी की सप्लाई किये जाने की बात कही है.

ग्रामीणों ने कागज पर ही हर घर नल का जल योजना चलाने का लगाया आरोप

इन पंचायतों के पानी टावरों से क्षेत्र के कुल 40 वार्डों के घर-घर लोगों को पीने के लिए पानी सप्लाई की योजना है. जबकि क्षेत्र के शेष पांच पंचायतों में मेघौल, खोदावंदपुर, बरियारपुर पश्चिमी, बरियारपुर पूर्वी व फफौत पंचायतों के कुल 72 वार्डों में प्रत्येक वार्ड में पानी टंकी से घर-घर पानी आपूर्ति की जानी है. परंतु इन वार्डों में पानी टावर का निर्माण तो हो चुका है. अधिकांश वार्डों में पानी टंकी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. जबकि पानी टंकी से इन पाइपों को नहीं जोड़ा गया है. जिससे लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है. पीएचइडी के ठीकेदार द्वारा ग्रामीण सड़क व गांव की गलियों में गड्ढा खोदकर पाइप लाइन बिछाया गया है. आज तक उन गड्ढों काे नहीं भरा गया है. जिससे लोगों के आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने इन गड्ढों को अविलंब भरवाने व पाइप लाइन को पानी टंकी से जुड़वाने की मांग की है, ताकि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना का लाभ लोगों को मिल सके.