करवाचौथ 2021: इन तीन स्थितियों में महिलाओं को कभी नहीं रखना चाहिए निर्जला व्रत- जानें क्यों

Karwa chauth

न्यूज डेस्क: हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ मनाया जाता है। इस दिन शादी-शुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जल और निराहार व्रत रखती हैं। जिसमे शाम को शिव परिवार का पूजा करती हैं।

और इसके बाद चांद का दर्शन करके अपने पति के हाथों से पानी पीकर अपना व्रत तोड़ती है। महिलाएं वर्षों से इस व्रत को पूरी श्रधा से निभाती आई है। लेकिन, कई बार यह व्रत भी आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता हैं। तमाम महिलाओं को सेहत से जुड़ी ऐसी समस्याएं होती हैं, जिनमें लंबे समय तक भूखा और प्यासा रहना ठीक नहीं माना सही नहीं है। ऐसे में ऐसी मान्यताओं के नाम पर इस व्रत को रखने से आपकी परेशानी बढ़ सकती है।

इन लोगों को नहीं रखना चाहिए करवाचौथ व्रत

डायबिटीज: आज के समय में डायबिटीज किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है। ऐसी तमाम महिलाएं हैं, जिनको डायबिटीज है वह उसके बाद भी करवाचौथ का व्रत रखती हैं। लेकिन ऐसा करने से परिणाम गंभीर भी हो सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए देर तक भूखा या प्यासा रहना ठीक नहीं है। लंबे समय तक भूखे रहने से ब्लड शुगर का स्तर घट या बढ़ सकता है। जिससे हाइपोग्लाइसेमिया या हाइपरग्लाइसेमिया का खतरा हो सकता है।

गर्भावस्था: गर्भावस्था के दौरान एक महिला के शरीर को ज्यादा खाने की जरूरत होती हैं। साथ ही बच्चे का विकास भी उसी के जरिए होता है। ऐसे में व्रत रखने से महिला और बच्चे ​दोनों को हानि पहुँच सकती है। वही पहली और तीसरी तिमाही में तो व्रत रखना ज्यादा हानिकारक माना जाता है। ऐसे में डॉक्टर की सुने और उनका कड़ाई से पालन करें।

ब्लड प्रेशर: कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर ऊपर निचे होता रहता है। कभी बढ़ जाता है तो कभी घट जाता है। ऐसे लोगों को भी करवाचौथ का व्रत न रखने की हिदायत दी जाती है। लंबे समय तक भूखे रहने से ऐसी महिलाओं के ब्लड प्रेशर के स्तर में उतार-चढ़ाव हो सकती है, क्योंकि इनका बीपी खानपान और दवाओं के भरोसे नियंत्रित रहता है। इसलिए ऐसी महिलाए व्रत न रखे।

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