सावधान! अगर आप भी खाते हैं बार बार पिज्जा, तो पढ़ ले यह खबर, अगली बार खाने से पहले सोचेंगे..

pizza

डेस्क: आमतौर पर लोग फास्ट फूड के रूप में पिज़्ज़ा खाना पसंद करते हैं, बहुत से लोग तो पिज्जा को अपना दिनचर्या समझ लेते हैं, मतलब, सुबह शाम सिर्फ पिज्जा ही पिज्जा.. लेकिन इसी बीच पिज्जा को लेकर एक बहुत बड़ी रिपोर्ट सामने आई है, जिसे जानकर आप भी चौक जाएंगे, रिपोर्ट के मुताबिक, चीज़बर्गर, फ्रैंच फ्राइस, चिकन बुरिटोस और अन्य मशहूर फास्ट-फूड में फेथलेट्स (Phthalates) और अन्य प्लास्टिसाइज़र (plasticizers) कैमिकल्स पाए जाते हैं। चिकन नगेट्स, पिज्जा, बरिटोस और अन्य फास्ट फूड जो आउटलेट से खरीदे जाते हैं उनमें कई कैमिकल्स होते हैं, वे गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बन सकते हैं, आइए जानें, क्या कहती है रिपोर्ट.

रिसर्च में क्या पाया गया: जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कुछ मशहूर दुकानों से फास्ट फूड खरीदे और 11 सैंपल्स में से 10 में हानिकारक कैमिकल्स पाए गए, जिसमें फेथलेट्स (phthalates) कैमिकल्स का एक ग्रुप शामिल था, ये कैमिकल आमतौर पर प्लास्टिक को नरम बनाने के लिए उपयोग किया जाता है और एंडोक्राइन सिस्टम (endocrine system) को बाधित करने के लिए जाना जाता है, शोध दल को इन फास्ट फूड में कई अन्य प्लास्टिसाइज़र कैमिकल भी मिले जो फेथलेट्स को रिप्लेस कर रहे हैं।

क्या कहते हैं शोधकर्ता: शोधकर्ताओं का कहना है कि फेथलेट्स और अन्य प्लास्टिसाइज़र यूएस फास्ट फूड चेन में उपलब्ध तैयार खाद्य पदार्थों में बहुत अधिक मात्रा में पाए जा रहे हैं, यानि लोग जंकफूड के साथ कैमिकल्स का सेवन कर रहे हैं, ऐसे में इन हानिकारक कैमिकल्स को फूड से बाहर रखने में मदद के लिए मजबूत नियमों को बनाने की आवश्यकता है। रिसर्च में ये भी पाया गया कि जो लोग अधिक फास्ट फूड खाते हैं उनमें फेथलेट्स कैमिकल का लेवल बहुत अधिक था, फास्ट फूड और नॉन-फ्थलेट प्लास्टिसाइज़र फूड पैकेजिंग और प्रोसेस्ड फूड में अधिक मात्रा में उपयोग हो रहे हैं।

आपके सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है: बता दें कि शोधकर्ताओं की टीम ने शोध किए गए खाद्य सैंपल में से 81% में DnBP और 70% में DEHP नामक फेथलेट कैमिकल पाया गया, इन दोनों कैमिकल्स से प्रजनन क्षमता और प्रजनन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं, ये phthalates बचपन में सीखने, फोकस करने और व्यवहार संबंधी विकारों के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं। 86% खाद्य पदार्थों में नए प्लास्टिसाइज़र पाए गए जिन्हें DEHT के रूप में जाना जाता है. इसका भी इंसानों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी रिसर्च और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें, theegusarai.in इसकी पुष्टि नहीं करता है)

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