31 January 2023

औरतें बिना कपड़ो के अच्छी लगती हैं – विवादित बयान देकर फंसे बाबा रामदेव

mahua mitra

योग शिक्षक और पतंजलि आयुर्वेद के रामदेव की महिलाओं के पहनावे पर अभद्र टिप्पणी कर दी है। जिसके बाद एक नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के ठाणे में आयोजित एक कार्यक्रम में रामदेव ने कहा कि महिलाएं साड़ी, सलवार कमीज या बिना कुछ पहने भी किसी भी चीज में अच्छी दिख सकती हैं। उनकी टिप्पणियों की निंदा करते हुए, दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा कि रामदेव को “देश से माफी मांगनी चाहिए”।

एक भाषण में बाबा रामदेव ने बयान दी। हालांकि इस वीडियो में उनके साथ मंच पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस भी थीं. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र श्रीकांत शिंदे भी मौजूद थे।

मुस्कुराते हुए बाबा रामदेव बोले “देख रहा हूँ सब बहुत खुश लग रहे हैं। तुम्हारी भी किस्मत अच्छी है। आगे वालों को साड़ी पहनने का मौका मिल गया। पीछे वालों को तो मौका ही नहीं मिला। शायद घर से साड़ी बांधकर ले आए लेकिन बदलने की फुर्सत नहीं थी।”

“आप साड़ी में खूबसूरत लगती हैं। आप भी अमृता जी की तरह सलवार सूट में अच्छी लगती हैं। और अगर मेरी तरह कोई इसे नहीं पहनता है, तो वह भी अच्छा लगता है।”। इस बात पर कैमरामैन मैन ने कैमरे को दर्शकों की ओर घुमाया तो महिलाएं एक-दूसरे को घबराहट में देख रही थीं।

बाबा रामदेव ने हंसते हुए कहा”आप सामाजिक मानदंडों के लिए कपड़े पहनते है, बच्चों को कुछ भी पहनने की जरूरत नहीं है। हम आठ या 10 साल की उम्र तक नग्न घूमते थे। केवल इन दिनों बच्चे पांच परतों वाले कपड़े पहनते हैं।”

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो चुका है। वीडियो शेयर करते हुए मालीवाल ने अपने ट्वीट में कहा “स्वामी रामदेव द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की पत्नी के सामने महिलाओं पर की गई टिप्पणी अशोभनीय और निंदनीय है। इस बयान से सभी महिलाएं आहत हुई हैं, बाबा रामदेव जी को माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने कहा इस बयान के लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।

महुआ मोइत्रा ने भी की टिप्पणी
महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर लिखा, “अब मुझे पता चला कि पतंजलि बाबा महिलाओं के कपड़ों में रामलीला मैदान से क्यों भागे। उनका कहना है कि उन्हें साड़ी, सलवार पसंद हैं और…स्पष्ट रूप से उनके मस्तिष्क में एक खिंचाव आ गया है, जो उनके विचारों को इतना एकतरफा बना देता है। 2012 की घटना, जब सफेद सलवार कमीज में योग शिक्षक को पुलिस को चकमा देने की कोशिश करते हुए पकड़े गए था।”

जहां विपक्ष ने इस मामले को गंभीर रूप से पकड़ लिया है। वहीं, भाजपा ने टिप्पणियों का जवाब नहीं दिया है। रामदेव या पतंजलि की ओर से भी कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है।