Indian Railway : ट्रेन में जब कोई यात्री आपकी कंफर्म सीट पर कब्जा जमाए तो क्या करें? जानिए

Train mein Seat Par Kabjaa

Indian Railway : यह भारत है और यहां जबरदस्ती कब्जा जमाना कोई नई बात नहीं है। चाहे गलवान घाटी हो या पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर यहां जबरदस्ती कब्जा करने के मामले की लिस्ट लंबी है। इस लेख के शुरुआती वाक्य पढ़ने से आप इंटरनेशनल रिलेशंस समझने का प्रयास कर रहे होंगे।

train india

लेकिन मैं तो जबरदस्ती का कब्जा समझाने वाला हूं। पहले ही बता चुका हूं जबरदस्ती का कब्जा की लिस्ट बहुत लंबी है भारत में। अब आप अपने दिमाग पर ख्याली पुलाव का जो जबरदस्ती का कब्जा है उसको साइड करते हुए सोचिए कि आखिर किस कब्जे के बारे में बात होगी। खैर जहां तक आप नहीं पहुंच पाए वहां यह वेबसाइट आपको पहुंचाने में मदद कर रहा है। आज बात होगी ट्रेन में आपके सीट पर अगर कोई जबरदस्ती कब्जा कर लिया है तो फिर आप क्या कर सकते हैं।

आपके आसपास सैकड़ों ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे जहां किसी दूसरे के सीट पर कोई दूसरा आकर जबरदस्ती बैठ गया हो। उन ट्रेनों में खासकर ऐसा होता है जिन ट्रेनों में भीड़ ज्यादा होती है। पहले सेकंड क्लास और स्लीपर में ऐसा मामला देखने को मिलता था, लेकिन अब 2nd और 3rd एसी में भी अक्सर ऐसा मामला देखने को मिल रहा है। रेलवे की भाषा में ऐसे पैसेंजर को अनऑथराइज पैसेंजर बोलते हैं। जब हम लोग ट्रेन में सफर करते हैं तब अक्सर ऐसा देखने को मिलता है। ज्यादातर मामलों में अनऑथराइज्ड पैसेंजर सीट भी खाली करने से मना कर देता है। उसके बदले में वह बोलते हैं टीटीई ने यह सीट उन्हें एलॉट किया है। जानिए ऐसे समय में किन स्टेप्स से आपको मिल सकता है मदद।

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  1. सबसे पहले रेल मदद ( Rail Madad ) ऐप को डाउनलोड करना होगा।
  2. ऐप खोलने के बाद उस पर अपना पीएनआर ( PNR ) नंबर डालें।
  3. कंप्लेन शिक्षण में जाने के बाद कम से कम दो कंप्लेन रेलवे को करें।
  4. एक कंप्लेन रेलवे के आरपीएफ डिपार्टमेंट ( RPF Department ) को करें और दूसरा रेलवे मंत्रालय रेलवे बोर्ड को।
  5. थोड़ी ही देर बाद टीटीई और आरपीएफ जवान आपके समक्ष आ जाएंगे।

एक दो केस में ऐसा हुआ भी है। कंप्लेंट दर्ज करने के आधा घंटा के अंदर टीटीई मामले का निष्पादन करता है। और उसके बाद यात्री से उस कंप्लेन को रिसोल्व हो जाने का फीडबैक भी एप पर देने का आग्रह करता है। इतना ही नहीं टीटीई अपना फोन नंबर भी यात्री को देकर गए कि आगे से कोई दिक्कत हो तो तुरंत मेरे से संपर्क कीजिएगा। केस के निष्पादन होने के बाद आरपीएफ की एक टीम उस डिब्बे में पहुंची और मामले की छानबीन की।

आरपीएफ ने बोनाफाइड पैसेंजर को बर्थ नहीं सौंपने, सही यात्री को परेशान करने, सहयात्रियों को आधी रात में डिस्टर्ब करने, अनऑथराइज्ड तरीके से रिजर्व कोच में यात्रा करने आदि जुर्म में अवैध यात्री को चेतावनी देते हुए ट्रेन से उतार दिया। रेलवे के अधिकारियों का भी यही कहना है कि कोई भी अनऑथराइज्ड पैसेंजर आपकी रिजर्व्ड सीट को अवैध तरीके से कब्जा जमा लिया है, तो सबसे पहले आप टीटीई से संपर्क कीजिए। अगर टीटीई से मामले का निष्पादन नहीं हो पा रही है, तब आप उस ट्रेन के ट्रेन मैनेजर से संपर्क साधिए। अगर फिर भी बात नहीं बनी तो आप रेलवे मदद ऐप या वेबसाइट पर जाकर अपनी कंप्लेंट दर्ज कराइए। आप चाहें तो 139 पर भी कॉल करके अपनी कंप्लेंट दर्ज करा सकते हैं।