May 22, 2022

India Gate के बजाए अब यहाँ जलेगी Amar Jawan Jyoti, 50 साल से जल रही इस लौ में क्या है ख़ास बात

amar jawan jyoti always glow

डेस्क : इस वक्त देश में सबसे ज्यादा गरमाया हुआ मुद्दा अमर जवान (Amar Jawan Jyoti)ति का है, बता दें कि 1971 में भारत पाकिस्तान का युद्ध हुआ था जिसमें अनेकों जवान शहीद हो गए थे। उन सभी शहीदों की याद में अमर जवान ज्योति जलाई गई थी जो 1971 के बाद से लगातार जल रही है।

ऐसे में अमर जवान ज्योति को लेकर जो भी बातें हुई उनको लेकर विपक्ष ने भारत सरकार पर कटाक्ष बोला है और कहा है कि बीते 50 सालों से जल रही अमर जवान ज्योति को बुझाना अपमानजनक बात है। सरकार ने भी अपना पक्ष रखा है और कहा है कि हम इसको बूझा नहीं रही है बल्कि नेशनल वॉर मेमोरियल के साथ जोड़ रहे हैं।

बता दें कि जब भारत में अंग्रेजों का शासन था तो अंग्रेजों की सेना में भारतीय जवान भर्ती हुआ करते थे। उस वक्त ब्रिटिश सरकार में रहते हुए जिन जवानों ने अपनी शहादत दी थी उन सभी के नाम पर इंडिया गेट तैयार किया गया। इंडिया गेट को 1914 से लेकर 1921 के बीच ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाया गया था। इतना ही नहीं जिन जवानों ने शहादत दी थी उनकी संख्या 80,000 बताई जाती है। इंडिया गेट को 10 साल मैं तैयार किया गया था। इंडिया गेट का पूरा डिजाइन एडविन लुटियन द्वारा निर्मित किया गया था। उस वक्त 12 फरवरी 1931 को लॉर्ड इरविन, जो कि तत्कालीन भारत के वायसराय थे उन्होंने इंडिया गेट का उद्घाटन किया था।

बताते चलें कि साल 1971 में भारत पाकिस्तान का युद्ध हुआ था। इस युद्ध में भारत के 3843 जवान शहीद हो गए थे। ऐसे में इंडिया गेट के नीचे काले रंग का स्मारक तैयार किया गया था। इस स्मारक पर अमर जवान लिखा है। इतना ही नहीं बल्कि इस पर जवान का हेलमेट और सेल्फ लोडिंग राइफल रखी हुई है, बता दें कि 26 जनवरी 1972 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा स्मारक का उद्घाटन किया गया था। साल 2006 में यह ज्योति एलपीजी के जरिए जलाई जाती थी लेकिन 2006 के बाद उसको सीएनजी पर जलाना शुरु कर दिया। बता दें कि अभी ज्योति को नेशनल वॉर मेमोरियल में जलाया जाएगा। यह मेमोरियल 400 मीटर की दूरी पर तैयार किया गया है। इतना ही नहीं इस मेमोरियल की दीवार पर शहीदों का नाम लिखा हुआ है।