प्रोफेसर की नौकरी छोड़ 60 हजार में खड़ी की थी कंपनी, महज़ तीन साल में पांच करोड़ है टर्नओवर, जाने संघर्ष की कहानी

Maikhana Startup

डेस्क : आज के दौर में लोग पढ़ाई के क्षेत्र में महारथ हासिल करने के बाद देश-विदेश में नौकरी नहीं, बल्कि खुद का व्यापार कर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। ऐसेही बिहार के पूर्णिया जिले में असिस्टेंट प्रोफेसर जैसी प्रतिष्टित नौकरी छोड़ मनीष घर वापस लौट जाते हैं। मन में कुछ अपना करने का था। अब नौकरी तो छोड़ आया परंतु परेशानी यह थी जीवन कैसे चलेगा। पास में इतने पैसे भी नहीं थे कि कुछ बड़ा व्यापार कर ले। फिर मनीष ने काफी सोचने-विचारने के बाद अपने साथ अन्य किसानों को साथ ले कर मखाना की जैविक खेती करने लगा।

यह तरकीब काम कर गया और माखन की खेती ने रफ्तार पकड़ ली। उसके बाद कई और किसान जुड़ने लगे। वही बात हुई कि लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया।सब कुछ ठीक-ठाक चल रग था। उसी बीच दिल्ली के एक व्यापारी ने 15 लाख रुपये ठग ली। इससे व्यापार में काफी प्रभाव पड़ा लेकिन मनीष ने हिमत से काम लिया और पुनः खड़े होने की साहस की। वर्ष 2018-19 का दौर था उसने कड़ी मेहनत के दम पर अगल से अपनी कंपनी कड़ी कर ली। कंपनी शुरू तो हो गई लेकिन पैसे का इंतज़ाम अब भी उतना नही हो पाया। कभी चक्कर काटने के बाद भी बैंक ने लोन नहीं दिया।

इसी सिलसिले में उद्योग विभाग पहुंचे वहां मनीष पूर्णिया जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक संजय कुमार वर्मा से मिले। संजय कुमार वर्मा . प्रोत्साहन से गति मिली और ऊंची उड़ान भरने का मौका मिला। मनीष बताते हैं कि फैक्ट्री सिर्फ 60 हजार रुपये से शुरुवात की थी। वही आज तीन वर्ष में कंपनी का टर्नओवर 5 करोड़ पहुंच तक गया है।

You cannot copy content of this page