जज्बे को सलाम : पायलट पति के शहीद होती ही पत्नी ने संभाली कमान, वायु सेना में शामिल होकर बनी फ़्लाइंग अफसर

डेस्क : भारतीय वायु सेना में होना अपने आप में गर्व की बात होती है। ऐसे में भारतीय वायुसेना इस वक्त आधुनिक हथियारों से लैस हो चुकी है और साल दर साल नए उपकरण विदेशी सरकार से खरीदती आ रही है लेकिन फिर भी उसके ऊपर हमेशा यह सवाल बना रहता है कि क्या वह भर्ती हुए पायलटों की सही से समीक्षा कर पा रही है। क्योंकि अक्सर यह मामला सामने आये हैं जहाँ परीक्षण के दौरान पायलट लड़ाकू हवाई जहाज लेकर उड़ान भरते हैं और कुछ मिनट की देरी में ही वह क्षति ग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में कई पायलटों को जान भी गंवानी पड़ती है।

जब समीर अबरोल ने 1 फरवरी 2019 को मिराज 2000 के लड़ाकू विमान से उड़ान भरी थी तो वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिसके कारण समीर अबरोल शहीद हो गए। अब उनकी पत्नी ने मात्र 1 साल के भीतर ही फ्लाइंग ऑफिसर बन कर दिखाया है जो अपने आप में गौरव की बात है। हाल ही में हुई ऑफिसर परेड में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे उसमें शहीद हुए समीर अब्रॉल की पत्नी गरिमा अब्रॉल भी शामिल थी।

आपको बता दें कि गरिमा अग्रवाल एयर फोर्स अकैडमी से पास आउट हो चुकी है यह जानकारी बीते रविवार को सामने निकल कर आए साथ ही गरिमा अब्रॉल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट भी शेयर किया जिसमें वह पायलटों एवं तकनीकी उपकरणों की खराबी को लेकर सरकार को जिम्मेदार ठहराती नजर आ रही हैं। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि कब तक कुछ लोगों की लापरवाही की वजह से हमारे विमान दुर्घटनाग्रस्त होते रहेंगे। कितने और पायलटों की जान अभी जानी है और सिस्टम में बैठे लोगों को तब क्यों एहसास होता है जब किसी पायलट की जान चली जाती है।

आखिर कब उन लोगों की आंखें खुलेंगी ? यह पोस्ट अपने आप में काफी चिंताजनक पोस्ट है जो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। गरिमा अब्रॉल पेशे से फिजियोथैरेपिस्ट है लेकिन पति की मौत के बाद उन्होंने अपना मन बना लिया कि वह भी देश की सेवा के लिए वायु सेना में भर्ती होंगी और ऐसा उन्होंने करके दिखाया। आपको बता दें कि गरिमा अब्रोल की शादी 2015 में हुई थी और वह गाजियाबाद उत्तर प्रदेश की निवासी है।