TV पर आना चाहते थे रोहित सरदाना, लेकिन किस्मत ने NSD के बजाय पत्रकारिता में दिलाई इज्ज़त

Rohit Sardana dream to be come on TV

डेस्क : रोहित सरदाना का जन्म कुरुक्षेत्र हरियाणा में 22 सितंबर 1979 को हुआ था। वह जाने-माने टीवी पत्रकार थे। रोहित सरदाना का निधन हार्ट अटैक और कोरोना संक्रमित होने के कारण हुआ है। उन्होंने अपनी जिंदगी की शुरुआती पढ़ाई हरियाणा के कुरुक्षेत्र से की थी। फिर वह आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए हिसार चले गए थे। जब उनको अपने जिंदगी में ऊंचाइयां हासिल करनी थी तो उन्होंने हिसार छोड़कर दिल्ली आने का फैसला किया था।

रोहित शुरू से ही पढ़ने लिखने में ठीक-ठाक विद्यार्थी रहे हैं। उन्होंने जंभेश्वर विश्वविद्यालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एडमिशन लिया और वहां से मनोविज्ञान में सनातन हासिल किया। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में मास्टर हासिल किया। बचपन से ही वह टीवी पर आना चाहते थे। टीवी पर आने के शौक में ही उन्होंने अपना करियर पत्रकारिता से शुरू कर दिया था। जब वह नौकरी की तलाश में थे तो उनके टीचर ने उनकी मदद की थी। मेहनत का सफर कुछ इस तरीके से चल पड़ा कि वह इंटरव्यू देते ही रेडियो स्टेशन में सिलेक्ट हो गए थे। उस वक्त रोहित पढ़ाई भी कर रहे थे और साथ-साथ नौकरी भी कर रहे थे। इसके बाद उनको सिटी केबल से भी ऑफर आ गया और वह अपना खुद का प्रोग्राम चलाने लगे थे।

धीरे-धीरे करके वह अपने बेबाक अंदाज में पत्रकारिता करते चले गए। वह काफी समय से आज तक पर आने वाले शो दंगल किया करते थे। बता दे कि उनको गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार मिल चुका है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह शुरू से ही हीरो बनना चाहते थे, जिसके चलते उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में भी एडमिशन लिया था, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया, इसके बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा को छोड़ दिया। उनको यह अंदाजा नहीं था कि वह पत्रकारिता में कदम रखेंगे। पत्रकारिता में कदम रखने के बाद वह इतना लंबा सफर तय कर लेंगे इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

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