दुनिया की सबसे लंबी अटल टनल का प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन, जानें इस सुरंग की खासियत

डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में अटल टनल रोहतांग का उद्घाटन किया है। इस अटल टनल रोहतांग में बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने पीएम मोदी को ट्रेनिंग के बारे में पूरी जानकारी दी और ऊंचाई- लंबाई से लेकर हर जरूरी चीजों एवं ढांचा बनाने की तकनीक से भी अवगत कराया साथ ही इसकी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि या एक काफी मददगार साबित होगी सेना के लिए।

एक नजर में जाने आखिर क्या खास है अटल टनल रोहतांग में

  • सन 1972 में पूर्व विधायक लता ठाकुर ने 6 महीने बर्फ में कैद रहने वाली समस्या से पूरे देश को अवगत कराया था तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने टनल बनाने का सपना देखा था।
  • सन 2000 को अटल बिहारी वाजपेई ने अपने मित्र तहसील दावा हर्ष अर्जुन गोपाल के निमंत्रण पर जून 2000 को केलांग पहुंच रोहतांग सुरंग के निर्माण की घोषणा करी थी।
  • इसके बाद 28 जून 2010 को सोनिया गांधी ने इस चैनल का शिलान्यास करा एवं चैनल के लिए 1355 करोड़ का बजट भी स्वीकृत करा था।
  • परंतु इसके बाद एक दुखद दुर्घटना हो गई जिसमें कांगड़ी नाले में बादल फटने से 60 श्रमिकों की मौत हो गई। यह घटना 2003 की थी।
  • इस चैनल का निर्माण 9 किलोमीटर की लंबाई तक करा गया है जिसकी मदद से 46 किलोमीटर तक का लंबा सफर घट जाएगा और 4 से 5 घंटे का समय भी बचेगा एवं सेना को भी लेह पहुंचने के लिए काफी आराम रहेगा।
  • 3300 करोड रुपए की लागत से बनी है यह सुरंग।
  • चैनल में हर डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर टेलीफोन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही 60 मीटर पर हाइड्रेंट और 500 मीटर पर आपातकालीन निकास मिलेगा और हर 2 किलोमीटर पर वाहन मोड सकेंगे।
  • 1 किलोमीटर में हवा की गुणवत्ता चेक होती रहेगी एवं हर ढाई सौ मीटर पर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी भी चालू रहेगी।

सबसे बड़ी समस्या जो बताई जा रही थी वह यह थी कि लोग सर्दियों में बर्फबारी के चलते 6 महीने तक शेष दुनिया से कट जाया करते थे। पर इस टनल की मदद से अब ऐसा नहीं होगा साथ ही साथ सेना इस मार्ग से चीन से सटी सीमा लद्दाख और पाकिस्तान से सटे हुए कारगिल तक आसानी से पहुंच सकती है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्थ पोर्टल में चलाये जाने वाली बस को भी हरी झंडी दिखाकर 15 बुजुर्ग यात्रियों को साउथ की तरफ रवाना किया और चैनल से गुजरने के बाद नॉर्थ पोर्टल से सिस्सू झील के समीप चंद्र नदी के बीचोंबीच एक टापू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाहौल के 200 लोगों को संबोधित करा।

आपको बता दें कि यह कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की तीसरी और अयोध्या के बाद दूसरी महत्वपूर्ण जनसभा लाहौल के सिस्सू में कर रहे हैं यह जिला चीन शासित तिब्बत के काफी ज्यादा करीब है।