सपना चौधरी की बाउंसर थी पूनम पंडित -जाने अब कैसे बनी किसान आंदोलन के चर्चित नामों में से एक

Poonam Pandit Kishan Andolan

डेस्क : पूनम पंडित अब हमारे बीच कोई अपरिचित चेहरा नहीं है, बता दें कि 3 कृषि कानूनों के आंदोलन को लेकर सभी किसान धरने पर बैठे थे। इस आंदोलन में पूनम पांडे नाम की महिला का नाम खूब जोर शोर से उछला था। बता दें की पूनम पंडित तीन कृषि कानून के खिलाफ अपना विरोध जता रही थी। वह महिलाओं का नेतृत्व करते हुए भी नजर आई थी। कृषि आंदोलन बीते 10 महीने से चल रहा है, पूनम पांडे ने इस आंदोलन में सुर्खियां तब बटोरी जब वह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पहुंची थी। यहाँ पर एक आयोजन के दौरान उनको किसान महापंचायत के स्टेज पर नहीं चढ़ने दिया गया। इस वक्त इंटरनेट सभी मीडिया चैनल पर वह इंटरव्यू देती नजर आती है। ज्यादा जानकारी के लिए बता दें कि एक समय पर हरियाणवी डांसर सपना चौधरी की बाउंसर थी।

पूनम पंडित का कहना है कि मैं तीनों कृषि कानून को बहुत ही ज्यादा गहराई से समझ चुकी हूँ। ऐसे में अब मुझे इन कानूनों के खिलाफ आवाज उठानी होगी। पूनम पंडित ने कहा था कि मुझे किसी भी प्रकार से यह बताने में आप सबको परेशानी नहीं होती कि मैं एक समय पर सपना चौधरी की बाउंसर थी। मैं इंटरनेशनल शूटर खिलाड़ी हूं। हम लोग खेल से जुड़े रहते हैं, मैंने नेपाल में जाकर गोल्ड मेडल भी जीता है। मुझे इस बात का दुख है कि सपना चौधरी किसानों के इतने करीब रहते हुए भी वह इस आंदोलन से नहीं जुड़ी। कुछ लोग मेरे को दोबारा से बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मुजफ्फरनगर में तो मेरे साथ जो अभद्रता हुई थी उसे मैं बयान नहीं कर सकती।

जब मैं किसान महापंचायत के स्टेज पर चढ़ने जा रही थी तो एक लड़के ने मेरी कमर पकड़कर मुझे नीचे खींच लिया था। उसने कहा था कि मैं किसी भी कीमत पर तुम्हें ऊपर नहीं जाने दूंगा, तब मेरा दिमाग काम करना बंद कर चुका था और मेरे पूरे शरीर से पसीना छूट रहा था। मुझे समझ नहीं आया कि आखिर मेरे साथ यह क्या हो रहा है? पूनम पंडित राकेश टिकैत के कहने पर उत्तर प्रदेश की महापंचायत में पहुंची थी। बाद में मुझे मंच पर बैठने का मौका भी मिला लेकिन मैं आपको बता दूं कि मेरे साथ कुछ भी हो जाए मैं किसानों का साथ नहीं छोडूंगी।

इतना ही नहीं पूनम पंडित को दिल्ली से टिकरी बॉर्डर जाने पर भी रोक दिया गया था। जब उनको रोका गया था तो उनसे कहा गया था कि तुम अंदर नहीं आ सकती हो, उसके बाद उन्होंने कई किसान साथियों के साथ दिल्ली में एंट्री मारी थी। तब वहां के मौजूद डीएम आयुष सिन्हा ने कार्यवाही करते हुए पुलिस के साथ आंसू गैस के बम फेंके थे। साथ ही किसानों पर लाठीचार्ज हुआ था। यह आंदोलन 2 दिन तक चला था, जिसमें पूनम पांडे भी शामिल थी बता दें कि पूनम पंडित उत्तर प्रदेश और हरियाणा की भाषा में जोरदार भाषण देती है, जो लोगों को खूब पसंद आता है। एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि आप शादी कब करेंगी ? तभी उन्होंने कहा था कि मैं शादी तब करूंगी जब तीनों कानून वापिस हो जाएंगे।

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