कोरोना महामारी पर बोले पीएम मोदी- आपने को खोने का दर्द महसूस करता हूं : कोरोना को बताया देश का अदृश्य दुश्मन

PM Modi

डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को किसान सम्मान निधि स्कीम की 8वीं किस्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जारी की। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के साढ़े नौ करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 19,000 से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की। इस दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन में कोरोना को लेकर उनकी चिंता साफ नजर आई। मोदी ने कहा कि हम एक अदृश्य शत्रु का सामना कर रहे हैं। इससे युद्धस्तर पर लड़ाई जारी है। साथ ही कहा कि ग्रामीण इलाकों में कोरोना तेजी से फैल रहा है। ग्रामीणों को मास्क पहनने समेत बचाव के दूसरे उपाय जरूर करने चाहिए।

आपने को खोने का दर्द महसूस करता हूं: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी देश का एक अदृश्य दुश्मन है। जो बहरुपिया भी है, इससे हम सबको मिलकर लड़ना होगा। भारत हार ना मानने वाला देश है, और मुझे पूरा यकीन है कि भारत इस महामारी का डटकर सामना करेगा कोरोना वायरस हमारी परीक्षा ले रहा है। लेकिन हम हारेंगे नहीं। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस महामारी के दौरान देशवासी जिस तकलीफों से गुजर रहे हैं। मुझे उसका एहसास है। उन्होंने कहा बीते कुछ समय से जो कष्ट देशवासियो ने सहा है। अनेको लोग जिस दर्द से गुजरे है, तकलीफ से गुजरे है वो मैं भी उतना ही महसूस कर रहा हूं।

देश में कोरोना के नाम पर कालाबाजारी करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी: इसके अलावा आगे उन्होंने बताया देश में अलग-अलग शहरों में ऑक्सीजन प्लांट लग रहे हैं। और जल्द ही हालात पर काबू पा लिया जाएगा। साथ ही  देशभर के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त टीकाकरण किया जा रहा है। इसलिए जब भी आपकी बारी आए तो टीका जरूर लगाएं। ये टीका हमें कोरोना के विरुद्ध सुरक्षा कवच देगा। गंभीर बीमारी की आशंका को कम करेगा। आगे प्रधानमंत्री ने कहा “ऑक्सीजन रेल ने कोरोना के खिलाफ बहुत बड़ी ताकत दी है। देश के दूरदराज के हिस्सों में यह विशेष ट्रेनें ऑक्सीजन पहुंचाने में जुटी हैं। ऑक्सीजन टैंकर ले जाने वाले ड्राइवर बिना रुके काम कर रहे हैं।” इस संकट के समय दवाइयां और जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी में भी कुछ लोग अपने निहित स्वार्थ के कारण लगे हुए हैं। इसे मानवता के खिलाफ बताते हुए उन्होंने राज्य सरकारों से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।

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