4 February 2023

पिता ने की मजदूरी..सब्जी का ठेला लगाए, अब बेटा बन गया जज!

पिता ने की मजदूरी..सब्जी का ठेला लगाए, अब बेटा बन गया जज! 1

डेस्क : आपने यह मुहावरा अक्सर सुनाया पड़ा होगा की मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है, मध्यप्रदेश के सतना के रहने वाले शिवाकांत कुशवाहा ने इन पक्षियों को जीवित कर दिया है शिवाकांत कुशवाहा की कहानी सभी से काफी अलग है एक सब्जी बेचने वाला लड़का कैसे कई बार असफल होने के बावजूद जिला जज बन जाता है यह कहानी लाखों छात्रों के लिए एक प्रेरणा का स्तोत्र है

सब्जी का ठेला लगाते थे जज साहब:

शिवाकांत कुशवाहा मध्यप्रदेश के सतना के अमरपाटन के रहने वाले हैं उनके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी उनके पिता मजदूरी करते थे और सब्जी बेचने का काम करते थे पिता की ही तरह शिवाकांत में भी सब्जी का ठेला लगाया है लगातार नौ बार और सफल होने के बावजूद उन्होंने दसवीं बार में जिला जज की परीक्षा उत्तीर्ण की जो अपने आप में यह बताता है कि वह कितने जुनूनी विद्यार्थी रहे हैं।

शिवाकांत की बीवी ने दिया पूरा साथ:

कहते हैं कि किसी कामयाब आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है शिवाकांत के मामले में भी कुछ ऐसा ही मालूम पड़ता है शिवाकांत कुशवाहा की बीवी पढ़ी लिखी है और उनको लगातार अपने लक्ष्य के प्रति प्रोत्साहित करती रहती थी शिवाकांत की बीवी आस पड़ोस के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी और उस ट्यूशन की फीस से वह शिवाकांत की किताब कापी की व्यवस्था करती थी