एक समय पर ममता दीदी के ख़ास हुआ करते थे सुवेंदु अधिकारी- जानें फिर कैसे आए आमने सामने

डेस्क : बंगाल विधान सभा चुनाव 2021 में भारतीय जनता पार्टी को करारी हार मिली है। इस बार की मुख्य जगह नंदीग्राम थी जहाँ पर लोगों की नज़र थी। नंदीग्राम में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी से सुवेंदु अधिकारी के बीच में कांटे की टक्कर थी। भारतीय जनता पार्टी की ओर से सुवेंदु अधिकारी खड़े थे, लेकिन इस जीत के बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी की रणनीति काम नहीं आई और वह बंगाल के इलेक्शन में हार गई।

बता दें कि सुवेंदु अधिकारी पहले तृणमूल कांग्रेस में थे। लेकिन, तृणमूल कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने बीते वर्ष दिसंबर में भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन कर लिया था। उनका मानना था कि टीएमसी के नेता पूरे बंगाल को दीमक की तरह खत्म कर देंगे। जब उन्होंने टीएमसी का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की ओर हाथ बढ़ाया था तो उन्होंने 8 पन्नों का पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की थी। सुवेंदु अधिकारी ने 2007 में भूमि अधिग्रहण मामले में अपना योगदान दिया था। यह कार्य उन्होंने नंदीग्राम से ही शुरू किया था। वर्ष 2016 में नंदीग्राम में कुल 87 प्रतिशत वोट पड़े। 2016 में तृणमूल कांग्रेस से सुवेंदु अधिकारी ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अब्दुल कबीर सेख को 81230 वोटों के मार्जिन से हराया था।

उन्होंने बताया कि टीएमसी बहुत ही ज्यादा मतलबी लोगों से भरी पड़ी है, ऐसे में बंगाल को उसका खोया हुआ गौरव वापस पाना है जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी राजनीतिक पार्टी है जो उसको सम्मान वापिस दिला सकती है उन्होंने अन्य लोगों से कहा कि वह नई शुरुआत करें। तृणमूल कांग्रेस शुरू से ही बंगाली कल्चर के खिलाफ काम कर रही है। बीते 10 साल से राज्य में किसी भी तरह की आधुनिक गतिविधि नहीं हुई है जिसके चलते अब राज्य को प्रधानमंत्री के हाथों में सौंपने जरूरी है।

बंगाल में TMC की जीत पर भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर ममता बनर्जी की पार्टी को बधाई दी और कहा की हम बंगाल की जनादेश का सम्मान करते हैं। यहाँ पर दिलचस्प बात यह है की जब गिनती की जा रही थी तब ममता बनर्जी ने BJP प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी को 1200 वोटों से हरा दिया था। दोनों नेताओं के बीच मुकाबला काफ़ी गरमा गर्मी का था। नंदीग्राम एक ऐसी सीट थी, जिसके फैसले का लोगों को काफी समय से इंतजार था। ममता बनर्जी का कहना है कि इस बार इलेक्शन में जो कुछ भी हुआ उसका फैसला हो चुका है, एक गिनती के बाद दोबारा से वोटिंग की गिनती की गई थी। जिसमें उनको हार का सामना करना पड़ा था लेकिन राजनितिक मुकाबलों में कुछ ना कुछ गवाना पड़ता है।

इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी को बधाई देते हुए कहा कि अब वह पूरी कोशिश करेंगे और बंगाल को जो भी जरूरत भरी चीज चाहिए, वह समय-समय पर देते रहेंगे। साथ ही उनको कोरोना से लड़ने के लिए जो भी आवश्यकता है वह उसको भी पूरा करेंगे। नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी से पहले टीएमसी के उम्मीदवार फिरोजा बीवी ने दो बार जीत हासिल की है। ऐसे में इस बार नंदीग्राम में 1 अप्रैल को किए गए मतदान में 80% से ऊपर लोगों ने अपने मत का इस्तेमाल किया है, जिसके चलते उन्होंने शुभेंदु अधिकारी को जिताया है। वहीं दूसरी और टीएमसी नेता लगातार कह रहे हैं कि नंदीग्राम की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं किया है।