एक बार फिर मुम्बई आई ‘जामताड़ा’ के निशाने पर, जरा बचके!

डेस्क : देश में सबसे ज्यादा साइबर क्राइम फ्रॉड मामलें बदनाम जामताड़ा के निशाने पर एक बार देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई आ गई हैं। जामताड़ा साइबर फ्रॉड मोड्यूल ने एक बार फिर मुम्बई में दस्तक दी है, जहां झारखंड के जामताड़ा में बैठकर बड़ी संख्या में देश के अलग अलग शहरों, राज्यों और बड़ी कंपनीज़ के लोगों, नेता, अभिनेताओं को अलग अलग मोड्स ऑपरेंडी के तहत ठगने का काम किया जाता रहा है। मुम्बई पुलिस ने एक ऐसे ही जामताड़ा मॉड्यूल को पकड़ा है, जो झारखंड में बैठकर ठगी को अंजाम दे रहा था।

गौरतलब हो कि भारत में साइबर ठगों का सबसे बड़ा अड्डा झारखंड का जामताड़ा ही माना जाता है। देशभर में होने वाली अधिकतर साइबर ठगी जामताड़ा से ही होती है। मुम्बई के मलाड पुलिस खुद को जोमैटो कंपनी का रीजनल मैनेजर बताकर होटल व्यापारी को ठगने के मामलें में नेरुल से गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में आया मोहम्मद उस्मान ने मुम्बई से सटे भयंदर के रहने वाले होटल व्यवसायी को जोमैटो की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर तकरीबन एक लाख रुपये की ठगी की।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि मैंने जस्ट डायल को फोन किया फ्रेंचाइजी लेने के लिए मुझे कुछ समय बाद ज़ोमैटो के मुंबई क्षेत्रीय प्रबंधक के नाम पर एक कॉल आया और कॉल करने वाले व्यक्ति ने मुझे फ्रैंचाइजी के प्रोसेस के बारे में बताया। उन्होंने मुझे “गूगल पे” के माध्यम से पंजीकरण शुल्क के रूप में 20 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा और मुझे पंजीकरण फॉर्म भरने के लिए कहा, उनके कहने के अनुसार, मैंने उस फॉर्म में विवरण भर दिया, जिसके बाद मेरे बैंक एकाउंट से अचानक 98,965 रुपये कट जाने का मैसेज मिला।

उसके बाद जब भी मैं उसे फोन करता था तो वह फोन काट देता था, जिसके बाद मैंने मलाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। ठगी का मालाड पुलिस स्टेशन में दर्ज होने के बाद मामले की जांच में आरोपी अपना लोकेशन बार बार बदल रहा था। आरोपी का लोकेशन मुंबई के पास नेरुल में दिखा जिसके बाद पुलिस आरोपी को धर दबोचा। हालांकि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद उस्मान का एक साथी फरार है। दोनों आरोपी एक साथ मिलकर पूरे भारत में इसी तरह के कई अपराध कर चुके हैं।

मलाड पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर दत्तात्रेय थोप्टे के मुताबिक जब हमने जांच की तो चला की यह गैंग झारखंड से ऑपरेट किया जा रहा था। आरोपी के नंबर को ट्रेस किया तो लोकेशन झारखण्ड का मिला, लेकिन दिसंबर में इसका लोकेशन नेरुल का मिला फिर इसको गिरफ्तार किया यह पूरा टीम वर्क है जो झारखंड में बैठकर ऑनलाइन फ्रॉड करते हैं। कई ऐसे मामलें सामनें आये हैं जिसमें झारखंड के जामताड़ा के फ्रॉड लोगों ने ठगी की है। एक मामले में जहां एक केंद्रीय मंत्री को 1.80 लाख की ठगी की गई। केरल के एक सांसद को तो 1.60 लाख का झटका लगा। यूपी के बीजेपी विधायक से 5000 रुपये की ठगी की गई। पीएमओ के अफसर से ठगी की गई।

ओएनजीसी की रिटायर्ड महिला अधिकारी के अकाउंट से 65.95 लाख निकाले गए थे। साल 2020 में इसी जामताड़ा के सायबर अपराध पर आधारित नेटफ्लिक्स पर बन चुकी है, जिसमें इसी तरह के पैटर्न को दिखाया गया है कि कैसे जामताड़ा में बैठकर पूरे देश भर के लोगों को ठगा जाता है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी व सांसद परनीत कौर के अकाउंट से 23 लाख रुपये निकाल लिए थे। अताउल् अंसारी नामक आरोपी ने जामताड़ा में बैठकर परनीत कौर को एसबीआई का।मैनेजर बता कर कॉल किया था कि अकाउंट में सैलरी भेजनी है ATM और CVC नम्बर दीजिए नम्बर साझा करते ही 23 लाख रुपये उड़ा लिए थे।

झारखंड के जामताड़ा के लिए PMO अधिकारी भी कहते हैं कि जामताड़ा से कोई नही बच सका- न बॉलीवुड न राजनेता न। झारखंड के जामताड़ा ऐसा इलाका है जहां 90 % लोग साइबर अपराध से जुड़े हैं। ये न सिर्फ बड़े शहरों के आम लोगों को निशाना बनाते रहे हैं, बल्कि इन्होंने बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन तक को नहीं छोड़ा । जामताड़ा के ही एक शातिर ठग सीताराम मंडल ने बिग बी का अकाउंट हैक कर 5 लाख रुपये उड़ा लिए थे। हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया था।