नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ हमले में अपहृत जवान का फोटो किया जारी, दुश्मनों की मांद में शेर सा निर्भीक है ये सीआरपीएफ जवान…

CRPF JAWAN

डेस्क : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में हुए नक्सल हमलें में लापता सीआरपीएफ जवान के नक्सलियों के कैद में होने का पता चला है। नक्सलियों ने अपहृत जवान का फोटो जारी करते हुए कहा कि हम सरकार से बातचीत करने के लिए तैयार हैं। हालांकि वायरल हुई फ़ोटो में देखा जा सकता है कि अपह्रत सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मन्हास नक्सलियों से घिरे होने के बावजूद बिल्कुल डरे हुए नहीं हैं। उनके चेहरे पर निर्भीकता का भाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

क्या है नक्सलियों की मांग- नक्सलियों ने 2 पेज का पत्र जारी करते हुए कहा है कि इस हमले में 24 सुरक्षाकर्मियों की जान गई है , 31 घायल हैं तथा 1 को उन्होंने हिरासत में लिया है। उन्होंने अपने पत्र में यह भी जानकारी दी है कि इस संघर्ष में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के 4 लोगों की जान चली गई है। नक्सलियों ने कहा कि हम सरकार से बातचीत को तैयार हैं। अपहृत जवान के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार मध्यस्थों की घोषणा कर सकती है और हम उसे रिहा कर देंगे।

अपहृत जवान के परिजन कर रहे हैं रिहाई की मांग- अपहृत सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मन्हास के परिजन लगातार सरकार से उन्हें रिहा करवाने की मांग कर रहे हैं। जम्मू में जवान के परिजनों तथा स्थानीय लोगों ने आज जम्मू-अखनूर हाईवे को जाम करते हुए अपहृत जवान को नक्सलियों के कब्जे से छुड़ाने की मांग की।सीआरपीएफ सूत्रों के मुताबिक अपहृत जवान की तस्वीर वायरल होने के बाद सीआरपीएफ भी एक्शन में आ गया है। सीआरपीएफ ने इस बात की पुष्टि की है कि नक्सलियों द्वारा जारी की गई जो तस्वीर मीडिया में प्रसारित हो रही है, उसमें दिख रहा जवान कोबरा का लापता जवान ही है।

3 अप्रैल को हुआ था हमला- नक्सलियों ने 3 अप्रैल को दोपहर में उस वक्त जवानों पर हमला कर दिया था , जब वे छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के तर्रेम इलाके में नक्सलियों के खिलाफ कारवाई करने के लिए पहुँचे थे। छत्तीसगढ़ पुलिस के मुताबिक इस हमले में 22 जवान शहीद हुए हैं और 32 घायल हैं। पुलिस ने 1 सीआरपीएफ जवान के नक्सलियों के कब्जे में होने की पुष्टि भी की है।

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