जानें कैसे गिराया जाएगा नोएडा का जाना माना Twin Tower, कब होगा धमाका, क्या है सुरक्षा? जानें 10 पॉइंट

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Noida Twin Towers Demolition : नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर्स को ध्वस्त किए जाने की प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए हैं।उन्होंने ध्वस्तीकरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया में आसपास रहने वालों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाए।

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अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविंद कुमार ने इसके तत्काल बाद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए। 28 अगस्त को दोपहर 2:30 बजे महज 12 सेंकेंड में यह ध्वस्तीकरण होगा।अरविंद कुमार ने बताया कि ट्विन टॉवर ध्वस्तीकरण की तैयारियां 28 अगस्त को तय पूरी कर ली गई हैं। 28 अगस्त को सुबह ही एमराल्ड कोर्ट के 660 भवन और एटीएस विलेज के 762 भवन खाली करा लिए जाएंगे।टॉवर चारों ओर सड़कों पर आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वहीं नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे भी आधा घंटे बंद रहेगा।

इस दौरान करीब 80,000 टन मलबा पैदा होगा और अगले तीन माह में इस मलबे को निस्तारित कर दिया जाएगा। टॉवर के नज़दीक गेल गैस पाइपलाइन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है, एमरॉल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसाइटी के वाहनों के लिए वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था होगी।

  • अवैध सुपरटेक ट्विन टावर को 28 अगस्त यानी की रविवार को गिरा दिया जाएगा. 40 मंजिला इमारत को रविवार की दोपहर 2.30 बजे विस्फोट कर गिराया जाएगा.
  • ट्विन टावरों को गिराने के लिए 3500 किलोग्राम से ज्यादा विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाएगा. रविवार को बड़ी तादाद में पुलिसकर्मी शहर की ओर ट्विन टावर के आसपास एक किलोमीटर का घेरा बनाकर लॉ एंड ऑर्डर कि सुरक्षा करेंगे.
  • आम लोगों को ट्विन टावर के आसपास बनी सड़कों पर एंट्री भी नहीं दी जाएगी. इतना ही नहीं शहर में जगह-जगह डाइवर्जन किया गया है और 5 सड़कों को पूरी तरह बंद भी किया गया है.
  • ट्विन टावर के ब्लास्ट वाले दिन स्वास्थ्य महकमा भी मौके पर मौजूद रहेगा. शहर के बड़े-बड़े अस्पतालों में सेफ हाउस बनाए गए हैं. जेपी अस्पताल, यथार्थ अस्पताल और जिला अस्पताल में यह सेफहाउस तैयार किए गए हैं.
  • एंबुलेंस व्यवस्था की जिम्मेदारी को डॉ जयास लाल को दी गई है, और जेपी अस्पताल की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी डॉ चंदा को दी गई है, डॉ भारत भूषण  फेलिक्स अस्पताल में रहेंगे और यथार्थ अस्पताल की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी डॉ रीता संभालेंगी.
  • ट्विन टावर के विस्फोट से पहले यानी 28 अगस्त को  एमराल्ड कोर्ट में बनी दोनों सोसाइटी के लोगों को सुबह 7:00 बजे अपना घरों को खाली करना होगा. सोसाइटी के हजारों लोग सुबह-सुबह सोसाइटी से बाहर चले जाएंगे और शाम तक जब विस्फोट की पूरी प्रक्रिया खत्म हो जाएगी, उसके बाद वापस लौटेंगे. इस दौरान जिन लोगों की मेडिकल कंडीशन ठीक नही है या जो उपचार करवा रहे है उनको फेलिक्स अस्पताल में रखा जाएगा.
  • ट्विन टावर गिराए जाने के दौरान आसपास की सोसाइटी में रहने वाले लोगों को अपनी छतों और बालकनी पर जाने कि इजाजत नहीं है. वहीं 31 अगस्त तक ट्विन टावर के आसपास के एरिया को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है और कोई भी अगर इसका उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
  • आसपास की सोसायटी से लगभग 3000 गाड़ियां बाहर निकाली जाएगी और 250 मीटर तथा कुछ जगह पर इससे भी ज्यादा दूरी का आइसोलेशन जोन रहेगा. ब्लास्ट वाले दिन यहां पर एक इंसीडेंट कमांडेंट होंगे जो कि डीसीपी (DCP) लेवल के अधिकारी हैं.
  • 250 मीटर और कहीं- कहीं इससे भी ज्यादा दूरी का एक्सक्लूजन जोन बनाया है. इसके अंदर सिर्फ 6 लोग रहेंगे. वो भी ट्विन टावर से 100 मीटर की दूरी पर रहेंगे. एक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, 3 ब्लास्टर्स और 2 प्रोजेक्ट मैनेजर्स होंगे. इन 6 लोगों के अलावा कोई भी इंसान या जानवर इस एक्सक्लूजन जोन में नहीं रहेगा.
  • जिस दिशा में यह बिल्डिंग गिरानी है उसी हिसाब से विस्फोटक लगाएं गए हैं. जब सियान के 60% बारूद फट चुके होंगे तब एपेक्स का पहला बारूद फटेगा. सियान टावर पहले गिरेगा उसके कुछ सेकेंड बाद एपेक्स टावर गिरता दिखेगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वाइब्रेशन को कम किया जा सके.करीब 17 मिली सेकंड से लेकर 200 मिली सेकंड के अंतर पर ब्लास्ट होंगे. सभी बारूद को फटने में 9 सेकंड लगेंगे और बिल्डिंग नीचे गिरने में चार सेकंड लगेंगे. कुल मिलाकर 12 से 13 सेकंड में यह बिल्डिंग पूरी नीचे गिर जाएगी
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