पहले भी कई बार भावुक हो चुकें हैं ढृण इच्छाशक्ति और कड़े फैसले लेने वाले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

डेस्क : ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हुए। पहले भी कई भाषणों में वह भावुक दिखाई दिए गए हैं। आपको बता दें कि वह पूर्ण बहुमत सरकार लेकर आए थे 2014 में और 2014 के बाद से उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को कुछ इस तरह से स्थापित किया है कि अब भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व बढ़ता ही चला जा रहा है।

किसी भी राज्य में देख ले तो भारतीय जनता पार्टी के प्रशंसक मिल ही जाएंगे। ऐसे में कई पार्टियों के नेता अपनी पार्टियां छोड़ भारतीय जनता पार्टी में दाखिल हो रहे हैं। ऐसे में बीते कार्यकाल में भी कई सांसद हुए हैं जिन्होंने भारत की राजनीति में गहरी छाप छोड़ी है जब ऐसे नेता अपनी गद्दी छोड़ कर जाते हैं तो वर्तमान सत्ता संभाल रहे नेताओं को दुख जरूर होता है कुछ इसी तरह का दुख भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी हुआ जो कैमरे पर दर्ज हो गया।

ऐसे में पहले 2015 में वह भावुक हुए थे जब उनको फेसबुक के कार्यालय में मार्क जुकरबर्ग के साथ मिलना था उस दौरान भारत से भी कई लोग मौजूद थे जिन्होंने अपनी शुरुआती जिंदगी का जिक्र मोदी जी से किया, तब वह भावुक हो गए थे। उसके बाद 21 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली में आजादी के बाद से 35,000 ज्यादा पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं जिसके चलते वह सम्मान समारोह में पहुंचे थे और वहां पर नेशनल पुलिस मेमोरियल के उद्घाटन के दौरान मौजूद थे। जब उन्होंने पुलिस के बलिदानों पर बात की तब वे बेहद ही ज्यादा गंभीर और भावुक दिखाई दिए थे।

इसके बाद सीधा 7 मार्च 2020 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान दीपा शाह से बातचीत करते वक्त भावुक हो गए थे क्योंकि दीपा योजना के चलते ही दीपा शाह अपना इलाज करवा पाई थी। जिसके चलते प्रधानमंत्री ने कहा था कि ईश्वर ने उनको नई जिंदगी दी है और हाल ही में कोविड-19 ड्राइव चलाई गई थी जो 16 जनवरी 2021 को सफलतापूर्वक पूरी की गई। जिसके चलते देशवासियों के चुनौती और संघर्ष से वह इमोशनल हो गए थे, उन्होंने जिक्र किया की कई लोगो ने कोविड-19 के चलते बलिदान दिया।