Sachin Tendulkar को भगवान मानता है उनका सबसे बड़ा फैन, दुनिया के किसी भी कोने में भारत का करता है समर्थन…

Sachin Tendulkar : क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के मैदान से विदा होने के बावजूद सुधीर चौधरी की उनके प्रति दीवानगी अभी कम नहीं हुई है। सुधीर चौधरी अब भी अपने बॉडी पर ‘मिस यू तेंदुलकर’ पोतकर भारतीय टीम के हर मैच में नजर आएंगे। पिछले कई साल से भारत में टीम इंडिया के हर मैच में शरीर पर तिरंगे के रंग पोतकर और पीठ पर सचिन तेंदुलकर की जर्सी का नंबर 10 लिखकर तिरंगा लहराते क्रिकेट प्रेमी सुधीर चौधरी क्रिकेट प्रेमियों की स्मृति का हिस्सा बन चुके हैं।

सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट को अलविदा कहने से वह दुखी है लेकिन उनका कहना है कि वह मैदान पर क्रिकेट के भगवान की कमी को नहीं खलने देंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले वनडे मैच में भारतीय टीम की हौसलाअफजाई करने पहुंचे सुधीर चौधरी ने फोन पर कहा, ‘मैंने अपना जीवन सचिन तेंदुलकर को समर्पित कर दिया है और मैं आगे भी भारतीय टीम के हर मैच में यूं ही तिरंगा लहराता रहूंगा। मेरी पीठ पर हमेशा की तरह 10 नम्बर और तेंदुलकर लिखा होगा लेकिन उसके ऊपर अब Miss You Tendulkar’ जुड़ जाएगा।

मुजफ्फरपुर के रहने वाले इस क्रिकेट प्रेमी सुधीर ने कहा, ‘मैं मैदान पर सचिन सर की कोई कमी नहीं खलने दूंगा। इसी तरह टीम इंडिया की हौसला अफजाई भी करूंगा और आखिरी सांस तक सचिन सर का नाम यू ही लेता रहूंगा।’ सचिन तेंदुलकर के प्रति उनकी दीवानगी की शुरूआत साल 2002 में हुई जब पहली बार मुंबई में वह इस चैंपियन बल्लेबाज से मिले थे।

सचिन तेंदुलकर ने उन्हें मैच के पास दिये और तब से शुरू हुआ यह सिलसिला वेस्टइंडीज के खिलाफ सचिन के आखिरी और 200वें टेस्ट तक भी जारी रहा। और अभी भी चल ही रहा है मैच के बाद वानखेड़े स्टेडियम के भीतर उनका प्रवेश भी सचिन तेंदुलकर ने सुनिश्चित कराया था। सुधीर चौधरी ने कहा, ‘जब सचिन सर आखिरी बार मैदान से लौटे तो मैं काफी फूट-फूटकर रोया। उसके बाद उन्होंने भाषण दिया तो मैं सबसे पीछे खड़ा था और मेरे आंसू जो है रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।

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उन्होंने मुझे अगले दिन प्रेस कांफ्रेंस में भी बुलाया लेकिन भीड़ इतनी थी कि मेरी उनसे मुलाकात तक नहीं हो सकी।’ सचिन और टीम इंडिया की हौसला अफजाई के लिए पाकिस्तान और बांग्लादेश तक साइकिल से जा चुके सुधीर चौधरी ने कहा, ‘मैं मुंबई में और रुक नहीं सकता था क्योंकि मुझे कोच्चि भी पहुंचना था लेकिन मैं सचिन सर से बाद में जाकर मिल लूंगा।

फोन पर भी उनसे बात करता रहूंगा।’ भारत के विश्व कप 2011 जीतने के बाद सचिन तेंदुलकर ने उन्हें टीम ड्रेसिंग रूम में बुलाकर ट्रॉफी के साथ तस्वीर खींचने का मौका भी दिया था जो उसके जीवन का सबसे यादगार पल में से एक है। उन्होंने कहा, ‘मैं उस पल को मरते दम तक नहीं भूल सकता हूँ। वह सिर्फ महान खिलाड़ी ही नहीं बल्कि एक महान इंसान भी हैं।

सुमन सौरब

अपने आप को हारा हुआ इंसान.....लेकिन फिर भी जीतने की तमन्ना मे ????