Ration Card : अब डीलर अनाज तौलने में नही कर सकेगा धांधली! सरकार ने बनाया नया नियम जानें –

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डेस्क : राशन कार्ड के तहत अनाज लेने वालों के लिए खुशखबरी है। एक तरफ सरकार ने मुफ्त राशन की अवधि सितंबर तक बढ़ा दी है। दूसरी ओर अब कोटेदार राशन की दुकान पर खर्चा कम नहीं कर पाएंगे। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत, लाभार्थियों को सही मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने राशन पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ़ सेल (EPOS) उपकरणों को इलेक्ट्रॉनिक स्केल से जोड़ने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियम जारी किए हैं।आपको बता दें कि सरकार ने यह कदम राशन की दुकानों में पारदर्शिता बढ़ाने और लाभार्थियों के लिए खाद्यान्न तौलते समय कटौती को रोकने के लिए उठाया है.

क्या कहता है नियम? सरकार का यह कहना है कि यह संशोधन NFSA के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के संचालन की पारदर्शिता में ओर भी सुधार के माध्यम से यह अधिनियम की धारा 12 के तहत खाद्यान्न वजन में सुधार की प्रक्रिया को अब आगे बढ़ाने का प्रयास है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत, सरकार देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम गेहूं और चावल (खाद्यान्न) क्रमशः 2-3 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर दे रही है।

किया बदल गया? सरकार ने कहा कि epos उपकरणों को ठीक से संचालित करने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करने और 17.00 रुपये प्रति क्विंटल के अतिरिक्त लाभ के साथ बचत को बढ़ावा देने के लिए, खाद्य सुरक्षा (राज्य सरकार सहायता नियम) 2015 (2) नियम 7 के उप नियम संशोधन किया गया है। इसके तहत, point-of-sale उपकरणों की खरीद, संचालन और उनकी सभी रखरखाव की लागत के लिए प्रदान किया गया अतिरिक्त मार्जिन, यदि कोई राज्य / केंद्र शासित प्रदेश अगर बचाता है, तो इलेक्ट्रॉनिक वजन तराजू की खरीद, संचालन और रखरखाव दोनों के लिए बढ़ाया भी जा सकता है।

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