सुनंदा पुष्कर मामले में बरी हुए कांग्रेस नेता सशी थरूर, बोले साढ़े सात साल से दर्द और यातना में गुजरे

डेस्क : कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की 2014 में अचानक हुई मृत्यु की खबर सुनकर सब चौक गए थे। ऐसे में सुनंदा पुष्कर की मृत्यु का मुख्य दोषी शशि थरूर को घोषित किया गया था। बता दें कि सुनंदा पुष्कर की लाश दिल्ली के होटल से मिली थी। ऐसे में जब दिल्ली पुलिस ने होटल में कार्यवाही की तो शशि थरूर को मुख्य दोषी पाया था। फिलहाल, शशि थरूर को 7.5 साल बाद इस मामले से मुक्त हो गए हैं।

इस मामले पर दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 और 498A लगाकर शशि थरूर पर चार्जशीट दायर की थी। दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद शशी थरूर को रात मिली है। मामले में किसी भी प्रकार से शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप नहीं लगाया गया है। शशि थरूर के सीनियर अधिवक्ता का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले पर 4 साल तक काम किया लेकिन उनके हाथ कुछ भी नहीं आया।

ज्यादा जानकारी के लिए बता दें कि जब सुनंदा पुष्कर की 17 जनवरी 2014 को मृत्यु हुई थी तो उनके शरीर पर चोट के निशान थे। दिल्ली पुलिस ने शशि थरूर पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाया था। जिस होटल के कमरे में वह रुकी थी वहां पर अल्प्रेक्स की 27 गोलियां मिली थी। पोस्टमार्टम में यह नहीं पता चल पाया कि उन्होंने कितनी गोलियां खाई थी लेकिन शरीर पर आई चोटें साफ बता रही थी कि सुनंदा के साथ किसी ने हाथापाई की है। साल 2014 में अनिल श्रीवास्तव जो कि एक सरकारी वकील है, वह सुनंदा का केस देख रहे थे। उन्होंने कहा था कि मौत से पहले उन्होंने लंबे समय तक खाना नहीं खाया था। वह अपने पति के साथ एक अशांत संबंध में थी।

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