8 February 2023

Cheteshwar Pujara : हाथ से पैड सिलती थी मां, तब खेल पाता था क्रिकेट, जानिए- पुजारा की कहानी..

Cheteshwar Pujara : हाथ से पैड सिलती थी मां, तब खेल पाता था क्रिकेट, जानिए- पुजारा की कहानी.. 1

Cheteshwar Pujara: भारतीय क्रिकेट टीम में चेतेश्वर पुजारा को लोग काफी पसंद करते हैं। इनकी बल्लेबाजी विरोधी गेंदबाजों के पसीने छुड़ा देते हैं। चेतेश्वर पुजारा को टीम इंडिया का नई दीवार भी कहा जाता है। पुजारा अपने निजी जीवन में काफी संघर्ष किए हैं। इस संघर्ष में इनकी मां भी साथ दी है। एक ऐसा समय भी था जब चेतेश्वर पुजारा की मां अपनी हाथों से पैड सिलकर कर बेटे को देती थी। तब बेटा जाकर ग्राउंड में विरोधी गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते थे। आज हम इनके बारे में कई पहलुओं को जानेंगे।

पिता और चाचा भी खेलते थे क्रिकेट : पुजारा के खून में है क्रिकेट है। उनके पिता अरविंद और चाचा सौराष्ट्र के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। वहीं दादा एक अच्छे लेग स्पिनर भी थे। पुजारा के पहले कोच उनके पिता अरविंद थे। लेकिन, उन्हें क्रिकेटर बनाने में उनकी मां का भी रोल काफी अहम रहा है। पैसों की तंगी के चलते मां ने एक बार कर्ज लेकर पुजारा को बैट दिलवा दिया था। ये अलग बात है कि वो कभी अपने बेटे को भारत के लिए खेलते हुए नहीं देख पाईं।

मां ने हाथों से सिला पैड : मां ने पुजारा के लिए काफी संघर्ष किया। इस स्टार बल्लेबाज ने कम उम्र में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। ऐसे में पुजारा के साइज के बैटिंग पैड बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं थे. ऐसे में मां ने इस समस्या का हल निकाला और पुजारा के लिए अपने हाथों से पैड सिलवाए और उन्हें पहनकर उन्होंने क्रिकेट खेला।

पुजारा ने आयु वर्ग क्रिकेट से ही बड़ी पारियां खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने अंडर-14 मैच में तिहरा शतक और इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 मैच में दोहरा शतक बनाया था। उन्होंने साल दर साल प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रन बनाए। लेकिन, 6 साल बाद उन्हें भारत के लिए टेस्ट खेलने का मौका मिला।

पुजारा के लिए क्रिकेट का सफर आसान नहीं रहा है। घुटने के ऑपरेशन के कारण उनका सीमित ओवरों का क्रिकेट करियर ज्यादा लंबा नहीं चला। वह टेस्ट टीम से भी अंदर-बाहर होते रहे। लेकिन 2018-19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने कमाल की बल्लेबाजी की और भारत ने ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती। पुजारा ने उस दौरे पर 3 शतक बनाए, श्रृंखला में 1258 गेंदों का सामना करते हुए, ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में किसी मेहमान बल्लेबाज के लिए सबसे अधिक।

पुजारा अपनी धीमी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन उन्होंने टी20 में एक शतक भी लगाया है। पुजारा ने 2019 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 61 गेंदों में शतक लगाया था। उन्होंने यह कारनामा रेलवे के खिलाफ किया था। पुजारा ने अब तक 98 टेस्ट में 44 की औसत से 7014 रन बनाए हैं। टेस्ट में उनके नाम 19 शतक और 34 अर्धशतक हैं। उन्होंने तीन दोहरे शतक भी लगाए हैं। उन्होंने भारत के लिए सिर्फ 5 वनडे खेले हैं।