Indian Railway : 2026 तक 320 किमी प्रति घंटे के रफ्तार से दौड़ेगी Bullet Train, तैयारियां जोरों पर..

bullet train

डेस्क : बुलेट ट्रेन का सपना अब सपना नहीं बल्कि हकीकत बनने जा रहा है। इसकी हकीकत को समझने और धरातल पर काम करने के हालात को समझने के लिए न्यूज नेशन की टीम सूरत में एनएचएसआरसीएल की हाई स्पीड रेल बुलेट ट्रेन की साइट पर पहुंची. सूरत में बन रही बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट में सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन तैयार किया जा रहा है। 50 फीट ऊंचे और 12.5 मीटर चौड़े एलिवेटेड ब्रिज पर बुलेट ट्रेन की पटरियां बिछाई जाएंगी।

High Speed Bullet Train

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी सोमवार को 320 मीटर एलिवेटेड ब्रिज का लोकार्पण किया। अहमदाबाद और मुंबई के बीच 508 किलोमीटर लंबी बुलेट ट्रेन परियोजना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस परियोजना को 91 प्रतिशत ऊंचा किया जाएगा, जिसमें भूमि का उपयोग कम से कम करने का प्रयास किया गया है। बुलेट ट्रेन के कुल 25 स्थलों में से 8 स्थलों का काम शुरू हो गया है. अहमदाबाद और मुंबई के बीच कुल 12 बुलेट ट्रेनों के लिए रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिसमें 8 रेलवे स्टेशन गुजरात में और 4 रेलवे स्टेशन महाराष्ट्र में हैं। गुजरात के रेलवे स्टेशन पर काम शुरू हो गया है.

Patna To Pragraj Bullet Train

समुद्र के नीचे से गुजरेगी बुलेट ट्रेन : करीब 7 किलोमीटर की बुलेट ट्रेन समुद्र के अंदर गुजरेगी, जो मुंबई के विक्रोली से सिलपटा तक होगी. बुलेट ट्रेन की रफ्तार समुद्र तल से 45 मीटर नीचे होगी और विक्रोली से घनसोली तक बुलेट ट्रेन समुद्र के नीचे करीब 7 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. मुंबई के सिलपटा से फिर निकलेगी बुलेट ट्रेन एलिवेटेड ट्रैक पर, यह दूरी कुल करीब 21 किलोमीटर की होगी। अहमदाबाद से मुंबई तक 508 किलोमीटर की बुलेट ट्रेन परियोजना पर करीब 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। जो अनुमानित लागत है। समय के साथ खर्च बढ़ सकता है।

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बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ी बाधा : गुजरात में बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा हो गया है, लेकिन बड़ी चुनौती महाराष्ट्र में है, जहां बुलेट ट्रेन एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण अभी तक नहीं हुआ है। बुलेट ट्रेन की लागत निकालना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। रेल मंत्री ने कहा कि बुलेट ट्रेन का किराया फ्लाइट से कम रखा जाएगा. ऐसे में लागत वसूल होने में लंबा समय लग सकता है, जिसे लेकर कई सवाल उठते हैं।