9 February 2023

Indian Railway : रेल यात्रियों को बड़ा झटका- अब देना पड़ रहा तिगुना किराया

Train Ticket railway station

दिवाली और छठ बस आने वाले हैं, ऐसे में ट्रेन से घर जाने वाले यात्रियों को रेलवे द्वारा लिए गए फैसले से दिक्कतें हो रही हैं। असल में तीन में टिकट नहीं मिल रही और वेटिंग की लिस्ट भी बेहद लंबी है। परेशानी की बात है कि जिन ट्रेनों में वेटिंग कम है वहां किराया बहुत अधिक है। राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और तेजस जैसी डायनामिक फेयर सिस्टम वाली गाड़ियों में त्योहार के समय में 2 से 3 गुना ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।

यात्री करते हैं तिगुना किराया भुगतान को : दिल्ली से पटना जाने वाली पूर्वा एक्सप्रेस में थर्ड एसी का किराया 1,350 रुपये है। लेकिन दिल्ली से पटना जाने वाली राजधानी ट्रेन में थर्ड एसी का किराया 2,370 रुपये और तेजस राज में 3,415 रुपये है। जिसका मतलब ट्रेनों के मुकाबले इन ट्रेनों में किराया ढाई से तीन गुना ज्यादा है। यानी यात्रियों को इसके लिए ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं।

मालूम हो डायनामिक फेयर सिस्टम केवल राजधानी, शताब्दी और दुरंतो गाड़ियों में लागू है। इन गाड़ियों की गति बाकी गाड़ियों से ज्यादा होती है तभी इनमें डायनामिक फेयर सिस्टम लागू होता है। डायनामिक फेयर सिस्टम होने की वजह से इन गाड़ियों में न सिर्फ किराया ज्यादा होता है, बल्कि त्योहार के चलते इनमें टिकटों की बुकिंग का किराया और बढ़ता ही जाता है।

क्या डायनामिक फेयर सिस्टम? अब क्या है ये टिकट सिस्टम? मालूम हो केंद्र सरकार द्वारा साल 2016 के सितंबर महीने में रेलवे डायनामिक फेयर सिस्टम लेकर आई थी। ये सिस्टम शताब्दी, राजधानी और दुरंतो जैसी 150 से ज्यादा प्रीमियम गाड़ियों पर लागू किया जाता है।

इसके मुताबिक जैसे जैसे टिकटों की बुकिंग होगी वैसे वैसे उनका किराया बढ़ता जायेगा। यदि ट्रेन की 5% टिकट बुक हो गई तो 10% की दर से किराया भी बढ़ जायेगा। अगर 20% टिकट बुक हो गई तो भी किराया 10% और ज्यादा लगेगा। यानी, हर 10% टिकट की बुकिंग के साथ किराया बढ़ता रहता है। और इस बढ़ोतरी का सिलसिला तब तक चलता है जब तक 50% टिकट बुक नहीं होती

कुछ यूं बढ़ता है किराया
टिकट बिक्री किराया
10% से कम 1000 रुपये
10 से 20% 1100 रुपये
20 से 30% 1210 रुपये
30 से 40% 1330 रुपये
40 से 50% 1460 रुपये
50% से ज्यादा 1460 रुपये

क्यों आया ये सिस्टम
इस सिस्टम से रेलवे को बड़ा मुनाफा होता है इसीलिए इसे लाया गया है। आपको बता दें यदि ट्रेन 10 किमी चलती है तो रेलवे के 73 पैसे खर्च होते हैं। पर इसके बदले उसकी कमाई केवल 36 पैसों की होती है। यानी की 10 किमी की यात्रा में रेलवे को 37 पैसे का नुकसान भी हो गया। जिसके बाद इस डायनेमिक फेयर से रेलवे को बड़ा लाभ होता है।