दिल्ली में छठ पूजा पर Ban लगते ही, बीजेपी और कांग्रेस ने किया विरोध, जिसके बाद तुरंत एक्शन मे आए केजरीवाल

Chath puja decision for delhi 2021

डेस्क : दिल्ली में इन दिनो रजनीतिक माहोल काफी गर्माया हुआ है।आम आदमी पार्टी ने जब से छठ पूजा पर रोक लगाई है तब से देश की 2 प्रमुख पार्टिया कांग्रेस और बजेपी मुख्यमंत्री के घर के बाहर विरोध कर रही है। इस बीच उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) को पत्र लिखकर दिल्ली में छठ पूजा मनाने के लिए दिशा-निर्देश मांगे है।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पत्र में दिशा-निर्देश मांगे गए थे ताकि राष्ट्रीय राजधानी के साथ-साथ पूरे उत्तर भारत के लोग त्योहार के समय में अपने स्वास्थ्य को दांव पर लगाए बिना मना सकें। दिल्ली में छठ पूजा के उत्सव को प्रतिबंधित करने वाले दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा पारित आदेश को उलटने की मांग को लेकर भाजपा और कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर प्रदर्शन करने के कुछ घंटों बाद यह घटनाक्रम सामने आया है।

दिल्ली में छठ पूजा पर रोक

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने पिछले सप्ताह एक आदेश में COVID-19 स्थिति को देखते हुए नदी के किनारे, जल निकायों और मंदिरों सहित सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा समारोह पर रोक लगा दी थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर जश्न की अनुमति नहीं देने का फैसला किया गया था और अब तक यह नियम जारी है।

हालांकि, भाजपा और बाद में कांग्रेस इस फैसले पर आपत्ति जताने के लिए आगे आई। आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर, बीजेपी दिल्ली ने कहा, “इस साल सब कुछ हमेशा की तरह चल रहा है, यहां तक ​​​​कि शराब की दुकानें भी बिना किसी प्रतिबंध के खुली हुई हैं, लेकिन छठ पूजा जो नवंबर में होती है, उसे 1.5 महीने पहले प्रतिबंधित कर दिया गया है।” पार्टी ने कहा, “यह शर्मनाक है।” वही कांग्रेस मुख्यमंत्री के घर के बाहर ही धरना देने लगी। उसके बाद ही मुख्यमंत्री केजरीवाल ने राज्यपाल को इस सन्दर्भ में पत्र लिखा।

You may have missed

You cannot copy content of this page