25 वर्ष सन्यासी रहने के बाद अब जैन मुनि करेंगे शादी , हर कोई है हैरान … जानिए पूरा मामला

Jain Muni

न्यूज डेस्क : कहा जाता है कि संसार में कोई भी व्यक्ति अगर संन्यास को धारण कर लेता है, तो उसे इंद्रियों का निग्रह करने वाला संन्यासी कहा जाता है। क्योंकि, वह व्यक्ति परमेश्वर के भरोसे अपना सबकुछ न्योछावर करते हुए उसी के भरोसे जीवन व्यतीत करने का निर्णय लेता है। लेकिन, आज आप लोगों को एक ऐसे सन्यासी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 25 वर्ष सन्यास जीवन जीने के बाद अब गृहस्थ जीवन बिताना चाहते हैं। बता दे की उसके इस निर्णय से उनके हर कोई हैरान है। यह तक की उनके भक्त भी आश्चर्यचकित हैं। तो चलिए आपको बताते हैं क्या है पूरा माजरा..

ताजा मामला मध्य प्रदेश के दमोह जिला स्थित बेलाजी जैन तीर्थ क्षेत्र से आया है। जहां एक जैन मुनिश्री शुद्धात्म सागर अब 25 साल का संन्यास छोड़कर गृहस्थी बसाने की इच्छा जताई है। इस बात की घोषणा उन्होंने खुद की। जानकारी के लिए आपको बता दें कि वह दो बार दीक्षा भी ले चुके हैं और पिछले 25 साल से बिना वस्त्र के हैं। लेकिन, अचानक उन्होंने अपना मन बदल लिया और अपनी महिला मित्र प्रज्ञा दीदी से विवाह करके खुद आम लोगों की तरह गृहस्थ जीवन बिताने की इच्छा जता दी। हालांकि इस मामले में विवाद भी शुरू हो गया है।

बताया जा रहा है कि 24 अगस्त की शाम 7 बजे मुनिश्री शुद्धात्म सागर पटेरा मार्ग स्थित आश्रम से निकले और सीधे हिंडोरिया थाने पहुंचे। उन्होंने थाने में ही वस्त्र पहनकर 25 साल का संन्यास छोड़ दिया। उनके पहुंचने के कुछ घंटे बाद उनकी महिला मित्र भी थाने पहुची। थाने में मुनिश्री शुद्धात्म सागर और महिला मित्र ने बेलाजी जैन तीर्थ क्षेत्र प्रबंधन पर मारपीट और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। हालांकि इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने से इनकार कर दिया। मुनिश्री पिछले 22 जुलाई को मुनि श्री आश्रम आए थे। यहां पर उन्होंने 8 दिन पहले आगरा से आईं महिला मित्र प्रज्ञा दीदी से बातचीत होने लगी।

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