9 February 2023

गर्व! 14 साल तक कांस्टेबल रहे..अधिकारी ने चाय लाने भेजा SDM बनकर लौटे, रात में करते थे पढ़ाई..

गर्व! 14 साल तक कांस्टेबल रहे..अधिकारी ने चाय लाने भेजा SDM बनकर लौटे, रात में करते थे पढ़ाई.. 1

डेस्क : कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती,पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है, ऐसी कहावत है हमने किताबों में या फिर किसने किसी के मुंह से अपने जीवन में जरूर सुने या पढ़ी होती है. लेकिन इस कहावत को सच कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के रहने वाले श्याम बाबू ने जो कि पहले एक कॉन्स्टेबल थे जिन्होंने 2016 में यूपी पीसीएस की परीक्षा पास करके एसडीएम बन चुके हैं

अधिकारी ने चाय लेने भेजा वापस आए तो एसडीएम बन चुके थे: यूपी के बलिया के एक छोटे से गांव इब्राहिमपुर के रहने वाले श्याम बाबू ने 2005 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की इसके बाद वह पुलिस में भर्ती हो गए लगभग 10 साल तक उन्होंने पुलिस में अपनी सेवाएं दी और 2016 में एसडीएम बने, पुलिस में जाने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी 2008 में स्नातक के बाद उन्होंने परास्नातक किया और नेट की परीक्षा भी उत्तीर्ण की यह बताता है कि श्याम बाबू अपनी शिक्षा दीक्षा को लेकर कितने जागरूक और जुनूनी थे,

पुलिस में सरकारी नौकरी होने के बावजूद उन्होंने ना तो अपनी पढ़ाई छोड़ी और ना ही आगे बढ़ने का जज्बा वह अपने इसी जज्बे को अपना साहस बनाकर लगातार आगे बढ़ते गए और यूपी पीसीएस की परीक्षा को 2016 में पास करके सीधे एसडीएम बनकर उभरे, श्याम बाबू बताते हैं कि पुलिस की नौकरी ज्वाइन करने के बाद भी वह थोड़ा समय अपनी पढ़ाई के लिए जरूर निकाल लेते थे इसके बाद उन्हें ऑफिस वर्क मिल गया ऑफिस वर्क मिलने का एक फायदा यह हुआ कि वह अपनी पढ़ाई में थोड़ा ध्यान ज्यादा दे पाए जिसकी बदौलत उन्होंने यूपी पीसीएस की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली

सबसे दिलचस्प वाली बात यह है कि जिस दिन श्याम बाबू का रिजल्ट आना था उसी दिन उनके अधिकारी ने शाम को उनको चाय लेने के लिए भेजा श्याम बाबू जब चाय लेकर आए तब वह एसडीएम बन चुके थे हालांकि उनको अभी तक इस बात का पता नहीं था श्याम बाबू ने 2016 में 52 वी रैंक प्राप्त करके यूपी पीसीएस की परीक्षा उत्तर की जब उनके अधिकारी को इस बात का पता चला तो अधिकारी ने उनके सम्मान में उन्हें सैल्यूट किया, हालांकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर श्याम बाबू ज्यादा दिनों तक की और नौकरी जारी नहीं रख सके और उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया