Friday, July 12, 2024
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किसने रखा रोटी का नाम ? कहां बनती है दुनिया की सबसे बड़ी रोटी – कैसे हुई इसकी उत्पत्ति

भारतीय घरों में अक्सर रोटियां बनती हुई देखी होगी। सुबह हो या शाम हर कोई रोटी खाने का इच्छुक रहता है। व्यक्ति को तेज से भूख लगी हो या फिर कोई नई सब्जी बनी हो हम भारतीयों को रोटी खाना बेहद अच्छा लगता है। ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इस रोटी शब्द को रोटी का नाम कहां से मिला। बता दे की रोटी इस वक्त हर घर की जरूरत है। इतना ही नहीं कई सदियों से यह कहा गया है कि दो वक्त की रोटी के लिए इंसान क्या नहीं कर सकता है ?

आज हम आपको बताएंगे कि आखिर किस प्रकार से यह प्यारी सी गोल-गोल दिखने वाली रोटी का नाम कहां से आया? रोटी शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है जिसका पूरा नाम होता है रोटीका। दरअसल अनाज को पीसकर उसको तवे पर सका जाता है, फिर इसकी टिकिया बना दी जाती है। कई लोगों का मानना है किया फारसी शब्द है।

अब आप सोच रहे होंगे की रोटी को चपाती भी तो कहते हैं, तो आपको बता दें कि चपाती नाम का शब्द भी संस्कृत से ही आया है और यहां पर संस्कृत में एक शब्द हुआ करता है चटपट, और यहीं से निकली चपाती। चपाती को तैयार करने के लिए उसको थोड़ा सा गीला किया जाता है और हाथ से ही उसको थप थप करके तंदूर पर सका जाता है।

कहाँ बनती है दुनिया की सबसे बड़ी रोटी : चलिए जानते हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी रोटी कहां बनाई जाती है ? आपको बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी रोटी, आर्मेनिया में बनाई जाती है। इसमें इस रोटी को लावश कहते हैं। रोटी थोड़ा सा चौकोर आकार की होती है और काफी लंबी भी होती है, इसको तंदूर में तैयार किया जाता है और यह 8 से 10 रोटियां के बराबर नजर आती है।