समझ नहीं आता ? तो जानें कैसे चेक करें की रोज घर पर लाने वाला दूध असली है या नकली

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डेस्क : अब तक अगर आपको लगता है कि दूध में केवल पानी की मिलावट होती है तो आप गलत है। कई बार पानी के अलावा दूध में कई हानिकारक सामग्री जैसे साबुन, डिटर्जेंट और केमिकल्स आदि को मिलाया जाता है। इससे दूध एकदम असली जैसा लगता है। हम आपको बता रहे हैं कि रोजाना घर में इस्तेमाल होने वाले दूध को कैसे पहचाने कि वह असली है या नकली? आइए, जानते हैं-

सबसे पहले पानी की मिलावट को परखने के लिए दूध में किसी लकड़ी या पत्थर पर दूध की एक या दो बूंद गिराइए। अब अगर दूध बहकर नीचे की तरफ गिरे और सफेद निशान बन जाए तो इसका मतलब दूध पूरी तरह से शुद्ध है।

दूध में डिटर्जेंट की मिलावट को पहचानने के लिए एक कांच की शीशी में दूध की कुछ मात्रा को लेकर जोर से हिलाइए। दूध में अगर झाग निकलने लगे तो इस दूध में डिटरर्जेंट मिला हुआ है। यह झाग अगर देर तक बना रहे, तो दूध के नकली होने में कोई संशय नही है।

आप दूध को सूंघकर देखें। अब अगर दूध नकली है, तो साबुन की तरह गंध उसमें आएगी और अगर दूध असली है तो उसमें इस तरह की कोई गंध नहीं आती।दोनों हाथों में लेकर दूध को रगड़कर देखें। अगर दूध असली है तो सामान्य तौर पर चिकनाहट महसूस नहीं होगी। लेकिन वहीं दूध नकली है तो इसे रगड़ने पर बिल्कुल वैसी ही चिकनाहट महसूस होगी जैसी जब हम डिटर्जेंट को रगड़ते हैं तब होती है।

दूध को देर तक रखने पर भी असली दूध अपना रंग नहीं बदलता है। जबकि दूध अगर नकली है तो वह कुछ समय के बाद पीला पड़ने लगेगा।असली दूध को उबाले जाने पर उसका रंग बिल्कुल नहीं बदलेगा, जबकि नकली दूध का रंग उबलने पर पीला हो जाएगा।

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अगर सिंथेटिक दूध में यूरिया मिला हुआ है, तो वह गाढ़े पीले रंग का हो जाता है। वहीं असली दूध स्वाद के मामले में हल्का-सा मीठा स्वाद लिए हुए होता है। जबकि नकली दूध का स्वाद डिटर्जेंट और सोडा मिला होने के कारण कड़वा हो जाता है।