भेड़ बनी जिराफ! फिर समय के साथ ऐसे लंबी हुई गर्दन की आज दूर-दूर से देखने आते हैं लोग

girrafe

डेस्क : सभी जानवरों की पहचान किसी न किसी ख़ास चीज़ से होती है। इसी तरह जिराफ की पहचान उसकी लंबी गर्दन के चलते होती है। बचपन से ही सुनते आए हैं कि जिराफ के पूर्वजों ने भोजन के लिए काफी लंबा संघर्ष किया है। भोजन की कमी के चलते यह पेड़ों और पत्तियों को खाने लगे। इसका नतीजा यह हुआ कि उनकी गर्दन लंबी हो गई और यह ऊंची ऊंची पेड़ों के पत्तियों को आसानी से खा सकते हैं।

यह खूबी धीरे-धीरे इनकी आगे की पीढ़ियों में भी होती गई और गर्दन लंबी होती गई। हालांकि वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च पर गर्दन लंबी होने के पीछे एक और बात बताई है। जो जिराफ वर्तमान में मौजूद है उनके पूर्वज जीवाश्म चीन में मिले हैं। इनका नाम डिस्कोकैयरिक्स शीजी है जिनके जीवाश्म से पता चलता है कि इनके गर्दन का विकास कैसे हुआ।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिराफ़ का पूर्वज डिस्को करिक्स शिज़ी पहले से ऐसा नहीं था। तकरीबन 1.7 करोड़ साल पहले यह एक बड़े जंगली बेर के आकार का दिखाई देता था। यह उत्तर पश्चिम चीन के जिनजियांग इलाके में पाया जाता था। शोधकर्ताओं के अनुसार इसकी खोपड़ी मोटी थी और गर्दन की हड्डियां मजबूत थी। इसलिए आपस में एक दूसरे से सिर में सिर लड़ाते थे।

अमेरिकन म्यूजियम आफ नेचुरल हिस्ट्री के जीवाश्म विशेषज्ञ और शोधकर्ता जीन मेंग की माने तो इसकी गर्दन सिर टकराने के लिए पूरी तरह से अनुकूल है। मोटी गर्दन भी वार के दर्द को झेल पाने के लिए समर्थ है। हिंसात्मक रूप से यह दूसरे को गर्दन से मारते हैं। लंबी गर्दन वाली जीत जाते हैं और इसी तरह से इनकी गर्दन का आकार बढ़ा और लंबी गर्दन का विकास हुआ।शोधकर्ताओं का कहना है कि इनकी खूबी मादा जिराफ को काफी पसंद है। जिस नज़र आपकी गर्दन लंबी होती है वह मादा जिराफ को काफी पसंद आते हैं। यदि नर जिराफ़ की गर्दन छोटी है तो प्रजनन करने से मादा जिराफ मना कर देती है। शोधकर्ताओं के अनुसार लंबी गर्दन करने की प्रक्रिया सिर्फ सिर्फ में ही नहीं बल्कि अन्य कई जानवरों में भी है जैसे कि हंस और सैरोपोड डायनासोर।

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शोधकर्ताओं का कहना है कि डिस्को कैरिक्स के जो कंकाल पाए गए हैं, उससे कई बातें साबित होती है। जैसे कि इनकी सिर और गर्दन के साथ हड्डियों में जोड़ काफ़ी जटिल है। साथ ही खोपड़ी का आकार भी हेलमेट की तरह होता है। इससे जाहिर होता है कि गर्दन के विकास में इनके टकराने का महत्वपूर्ण रोल रहा है। हालांकि, इसमें लाखों बरस लगे। आपको बता दें कि वर्तमान में सबसे ऊंचा और आधुनिक जिराफ़ अफ्रीका में पाए जाते हैं। यहा नर जिराफ की ऊंचाई 18 फीट और मादा जिराफ की 14 फीट होती है। वह इसकी गर्दन 6 फीट तक लंबी होती है जो कि दूसरे जानवरों के मुकाबले काफी बड़ी है।