क्या आप जानते हैं स्मार्ट मीटर और बिजली के पुराने मीटर में क्या अंतर है? जानिए कौन है सबसे बेहतर..

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डेस्क : बदलते समय के साथ जमाना भी बदल रहा है। टेक्नोलॉजी दुनिया में इतनी आगे पहुंच गई है कि आज सब कुछ संभव है। हर दिन नए नए अविष्कार किए जा रहे हैं। यह अविष्कार छोटे से लेकर बड़े स्तर तक हो रहे हैं। जब देश में बिजली आई तब मीटर नहीं हुआ करती थी। फिर धीरे-धीरे समय बदला और मीटर सभी घरों में लगाए गए।

जिससे खपत किए गए बिजली का पता लगाया जा सके। इस माध्यम से बिजली विभाग को उपभोक्ताओं से बिजली शुल्क लेने में भी सुविधा हुई। अब जमाना स्मार्ट हो चुका है। ऐसे में सामान्य मीटर की जगह अब स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। कई लोगों में इस बात की दुविधा रहती है कि सामान्य और स्मार्ट मीटर मीटर में क्या अंतर है तो आइए विस्तार से जानते हैं।

सामान्य मीटर हम आप कई सालों से उपयोग कर रहे हैं। इस मीटर के माध्यम से यह पता चलता है कि कितनी बिजली का खपत किए गए हैं। बिजली विभाग के कर्मचारी आकर आपके बिजली मीटर को देखने के बाद आपको बिजली बिल का भुगतान करने को कहते हैं। इस समय मीटर में बिजली खपत करने के बाद बिल का भुगतान करना होता है। ऐसे में बिजली चोरी की संभावना काफी अधिक होती है। वहीं स्मार्ट मीटर में आपको बिजली बिल का भुगतान पहले करना होगा।

सरकार सभी घरों से सामान्य मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर कार्य कर रही है। स्मार्ट मीटर के माध्यम से आपको अधिक बिजली बिल आने का बिल्कुल डर नहीं रहेगा। स्मार्ट मीटर के लग जाने के बाद आप जितना चाहेंगे उतना ही बिजली बिल खपत होगा। स्मार्ट मीटर में आपको रिचार्ज करना पड़ेगा। आपके रिचार्ज के प्लान के मुताबिक आपका बिजली खपत कर सकेंगे।

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स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को पहले से ही पता होगा कि कितना बिजली बिल खपत करना है, कितना अब बिल आएगा और हमें अगले महीने कितने का रिचार्ज कराना है। हालांकि रिचार्ज नहीं करने पर बिजली का लाभ नहीं मिलेगा। इसका एक फायदा यह भी है कि यदि आप कहीं बाहर जाते हैं तो आपको बिजली बिल के नाम पर ₹1 भी नहीं देना होगा। ऐसे कई मामले सामने आए हैं कि सामान्य मीटर में घर बंद रहने के बाद भी बिजली बिल आ जाती है। इन सब समस्याओं से छुटकारा मिलने की उम्मीद है।