पिता चलाते हैं खैनी की दुकान, खुद पढ़ने के लिए देते थे बच्चों को ट्यूशन, मेहनत से मिली UPSC में सफलता

Niranjan Kumar

डेस्क : आज हम आपको बिहार के एक ऐसे युवा के बारे में बताने वाले हैं, जिसने 2020 की यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है। बता दें कि यह बिहार का युवा नवादा जिले का रहने वाला है। युवा का नाम निरंजन कुमार है। निरंजन कुमार (Niranjan Kumar) के पिता का नाम अरविंद कुमार है और उनकी माता जी का नाम यशोदा देवी है। निरंजन कुमार ने जब 2016 की परीक्षा दी थी तो उसमें उनको 728वा रैंक प्राप्त हुआ था, जिसके बाद उनको दिल्ली में इनकम टैक्स की नौकरी मिल गई, लेकिन इस बार वह अपनी यूपीएससी के लक्ष्य को दोबारा साधने के लिए मैदान में उतरे और इस बार उन्होंने 535वी रैंक हासिल की।

यह परिवार नवादा के वारिसलीगंज का रहने वाला है। वह लंबे समय से पकरीबरावा में रह रहे हैं। पकरीबरावा में रहते हुए अरविंद कुमार के पिताजी खैनी की दुकान लगाते हैं। जब अरविंद कुमार ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी तो वह कोल इंडिया लिमिटेड धनबाद में पोस्टेड थे। यह बात 2008 की है, वहां पर वह सहायक मैनेजर के पद पर काम कर रहे थे। ऐसे में उनके मन में विचार आया कि क्यों न सिविल सेवा की तैयारी शुरू की जाए। नौकरी की वजह से उनको काफी कम समय मिलता था लेकिन वह पुरजोर प्रयास करके यूपीएससी की तैयारी रात के वक्त किया करते थे। ऐसे में साल 2016 में उनको सफलता मिल गई।

साल 2016 में उनको डिप्टी कमिश्नर का पद मिला, जिस पर वह आज भी काम कर रहे हैं। उनके अंदर UPSC का जुनून खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था। उनके पास समय की काफी कमी रहती थी, जिसके चलते वह अपनी पढ़ाई से कभी कबार दूर हो जाया करते थे वह लगातार प्रयास करते गए जिसका नतीजा यह हुआ कि उनकी रैंक साल दर साल अच्छी होती चली गई। आज वह अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सभी सदस्यों का धन्यवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सफलता के असली मालिक मेरे घरवाले है, जिसमें मेरी पत्नी और बेटी भी शामिल है। फिलहाल पकरीबरावां में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। हर तरफ से निरंजन कुमार को बधाइयां मिल रही है।

You cannot copy content of this page