May 19, 2022

1 April से बदल जाएंगे LPG, Post Office, PF, से जुड़ा नियम, आम जनता के जेब पर पड़ेगा सीधा असर..

pf portal and lpg gst rule changed

डेस्क : 1 अप्रैल 2022 से आम जनता से जुड़े कई अहम चीजों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जिसका असर आपके ऑनलाइन लेन-देन और खर्चों पर पड़ सकता है। ये बदलाव वरिष्ठ नागरिकों सहित बैंक ग्राहकों पर लागू होंगे। ये बदलाव बैंक ग्राहक, टैक्‍सेशन से लेकर सीनियर सिटीजन तक के लिए होंगे। तो चलिए जानते हैं इन बदलावों का असर लोगों की जेब पर कितना पड़ेगा।

PF खाते पर टैक्स : पीएफ नियमों (PF Rule) में 1 अप्रैल 2022 से बदलाव होने जा रहा है। बता दे की अब पीएफ खाते (PF Accounts) में जमा 2.5 लाख रुपये से अधिक राशि पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होगा। यह नियम सिर्फ उन्हीं खातों पर लागू होगा, जो एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख रुपये से अधिक राशि पीएफ खाते में जमा करते हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 1 अप्रैल से आयकर (25वां संशोधन) नियम 2021 को लागू करने का फैसला किया है।

MIS ब्याज के लिए बचत खाता : पोस्ट ऑफिस की मासिक आय योजना (MIS), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) या डाकघर सावधि जमा (TD) में निवेश से जुड़े नियम भी बदल गए हैं। बता दे की MIS/SCSS/TD खातों पर ब्याज केवल खाताधारक के पीओ बचत खाते या बैंक खाते में 1 अप्रैल से जमा किया जाएगा। यदि कोई खाताधारक 31 मार्च तक अपने बचत खाते को MIS/SCSS/TD खातों से लिंक करने में सक्षम नहीं है और MIS/SCSS/TD विविध कार्यालय खातों में ब्याज जमा किया जाता है, तो बकाया ब्याज का भुगतान केवल क्रेडिट के माध्यम से किया जाना चाहिए पीओ बचत खाते में या चेक द्वारा MIS/SCSS/TD विविध कार्यालय खाते से नकद में 1 अप्रैल से ब्याज भुगतान की अनुमति नहीं होगी।

GST नियमों का सरलीकरण : CBIC (केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड) ने 20 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले व्यवसायों को 1 अप्रैल से बी2बी (व्यवसाय से व्यवसाय) लेनदेन के लिए इलेक्ट्रॉनिक चालान काटना होगा। वही, माल एवं सेवा कर (GST) कानून के तहत बी2बी लेनदेन पर 500 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए एक अक्टूबर 2020 से ई-चालान अनिवार्य कर दिया गया था। बाद में इसे एक जनवरी 2021 से 100 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए अनिवार्य बना दिया गया। जीएसटी के नियमों को लेकर लंबे समय से विववाद चलता है।

पैन-आधार लिंकिंग : अगर आपने 31 मार्च से पहले अपने पैन और आधार नंबर से लिंक नहीं कराया तो इनकम टैक्स नियमों के अनुसार 1 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 234H के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति पैन और आधार को लिंक नहीं कर पाता है, तो उसे 1 हजार रुपये का जुर्माना लेट फीस के रूप में देना होगा। पैन और आधार को लिंक करने की आखिरी तारीख 31 मार्च, 2022 है। सेक्शन 234H को फाइनेंस एक्ट 2021 द्वारा पेश किया गया था और यह 1 अप्रैल, 2021 से लागू है। पैन और आधार कार्ड इस वक्त काफी जरूरी दस्तावेज हैं।