4 February 2023

Bank Privatisation : अब प्राइवेट हो जाएगा ये सरकारी बैंक! आपके जेब पर पड़ेगा सीधा असर..

Bank Privatisation

न्यूज़ डेस्क : देश में निजीकरण पर काफी तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार इसको लेकर काफी सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में बैंकिंग सेक्टर को निजी हाथों में देने की तैयारी जोरों पर है। बताया जा रहा है बैंकिंग सेक्टर के प्राइवेटाइजेशन होने पर बैंकिंग व्यवस्था में बदलाव आएगी। गत वर्ष के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस संबंध में घोषणा की थी। अब कहा यह जा रहा है कि 16 दिसंबर तक आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है।

सरकार की इस बैंक में इतनी हिस्सेदारी

आईडीबीआई बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 45.48 फीसदी है, जबकि एलआईसी की हिस्सेदारी 49.24 फीसदी है। बताया जा रहा है कि सरकार और एलआईसी आईडीबीआई बैंक में कुछ हिस्सेदारी बेचेगी और फिर प्रबंधन नियंत्रण भी खरीदार को सौंप दिया जाएगा। इसके तहत आरबीआई 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे सकता है। इस कवायद के दौरान, केंद्र और LIC क्रमशः 30.48 और 30.24 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगा।

निजीकरण के लिस्ट में कई सरकारी कंपनी

सरकार ने निजीकरण के लिए कई कंपनियों की सूची बनाई है। इसके तहत आधा दर्जन से अधिक सरकारी कंपनियों की सूची तैयार की गई है। इनमें शिपिंग कॉर्प, कॉनकोर, विजाग स्टील, आईडीबीआई बैंक, एनएमडीसी का नगरनार स्टील प्लांट और एचएलएल लाइफकेयर शामिल हैं। इतना ही नहीं, सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2022-2023 में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) के 24,000 करोड़ रुपये से ज्यादा इकट्ठा किया हैं।