बिहार के एक मजदूर के जीरो बैलेंस से खुले खाते में 1 करोड़ का ट्रांजैक्शन, मामले की जांच में जुटी विजिलेंस की टीम..

Majdoor

न्यूज डेस्क : देश में आए दिन साइबर फर्जीवारा का मामला प्रकाश में आते रहता है। लेकिन, इसी बीच बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले एक युवक के बैंक खाता से जुड़े करोड़ का फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आया है। मामला पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़ा हुआ है, जहां औरंगाबाद के रहने वाले सोनू कुमार जो पैसे से नागपुर में मजदूरी का काम करते हैं। उनके खातों से 1 साल में मोटी रकम का ट्रांजैक्शन किया जा रहा है।

जबकि, इस बात की भनक न ही खाताधारक को है और न ही बैंक कर्मी को.., बता दे की इस बात का खुलासा तब हुआ, जब दिल्ली की विजिलेंस टीम ने बैंक को उक्त युवक के खाते से मोटी रकम के ट्रांजैक्शन की सूचना दी। इसके बाद बैंक प्रबंधक की ओर से इसकी सूचना युवक सोनू कुमार को दी गई। इस बात की सूचना खाताधारक यानी सोनू कुमार को मिली तो उन्होंने इस बात से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा पिछले 1 सालों में मैंने इतना रुपया का ट्रांजैक्शन नहीं किया और मुझे इस बात की कोई भी जानकारी नहीं है। बता दे की खाताधारक सोनू ने इस संबंध में शाखा प्रबंधक (Bank Maneger) को आवेदन दे कर इस मामले को अवगत करवाया, आवेदन के माध्यम से उन्होंने बताया कि उसके नाम से बैंक में खाता संख्या 0949001501137589 संचालित है। इस खाता में अज्ञात लोगों ने बगैर उसकी जानकारी के करोड़ों रुपये की जमा निकासी की। जानकारी के मुताबिक़, सोनू के खाते से सभी बड़ी रकम का ट्रांजैक्शन ऑनलाइन किया गया है। बैंक में जमा पर्ची से लेनदेन नहीं किया गया है।

जीरो बैलेंस पर खाता खोला गया था, मोबाइल नंबर भी ऐड नहीं था: बताते चलें कि जिस खाते को सोनू ने जीरो बैलेंस वर्ष 2016 में खुलवाया था, उसी खाते से करोड़ों का ट्रांजैक्शन किया गया। सुन ने बताया उसके खाते में मात्र ₹500 जमा था। जो सूद समेत बढ़कर ₹700 हो गया था। तो सवाल यह भी उठता है आखिर करोड़ों का ट्रांजैक्शन किया कैसे गया। सोनू के अनुसार उसके खाते में मोबाइल नंबर भी ऐड नहीं था। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जीरो बैलेंस पर खोले गए खाते में ट्रांजैक्शन की एक लिमिट होती है। इसके बाद भी बड़ी रकम की जमा निकासी कैसे की गई, यह तो जांच का विषय है।

PNB के शाखा प्रबंधक बताते हैं: शाखा प्रबंधक ने बताया सोनू के खाते से मोबाइल ऐप के जरिए 25 मार्च 2020 से लेकर 22 मार्च 2021 तक बड़ी रकम का ट्रांजैक्शन किया गया है। इससे संबंधित हर बिंदु पर जांच की जा रही है। आगे उन्होंने बताया जितना भी ट्रांजैक्शन किया गया है, वह जमा निकासी बैंक में जमा या निकासी पर्ची से नहीं की गई है। ऐसे में तहकीकात करने में थोड़ी समस्या हो रही है। लेकिन जल्द ही सभी बिंदु पर जांच कर हकीकत का पता लगाया जाएगा। साथ हीं दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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