कृषि कानून को लेकर हो रहे आंदोलन पर महागठबंधन का महाधरना कल, तेजस्वी करेंगे एक तीर से दो शिकार…

डेस्क : कृषि कानून को लेकर हो रहे किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) के मामले को राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने एक संवादाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार (Narendra Modi government) किसानों का MSP समाप्त करना चाहती है। इसके पीछे उनकी मंशा साफ है मोदी सरकार कॉरपोरेट के हाथों किसानों को बंधक बनाना चाहती है। आगे तेजस्वी ने कहा कि पिछले अनुभवों के आधार पर हमारा कहना हैं कि किसी भी नोटबंदी या फिर जीएसटी जैसे किसी भी बड़े बदलाव को लेकर फायदे गिनाती है, लेकिन हकीकत में यह एक डिजास्टर साबित होता है।

तेजस्वी ने PM मोदी पर हमला बोलते हुए कहा लोग अवार्ड वापस करते है, फिर भी सरकार को समझ नहीं आता कि डेमोक्रेसी पर खतरा है। अभी ताजातरीन मामले को ही अगर देखा जाये तो कल भी किसानों ने बातचीत के दौरान न तो पानी पीया, न खाया। जब किसान आंदोलन कर रहे हैं तो लाठी से लेकर आंसू गैस छोड़े जा रहे हैं। इतनी बड़ी समस्या देश के सामने है और पीएम गायब हैं। क्या पीएम को किसानों की बात नहीं सुननी चाहिए ? हमलोग चिंतित हैं क्योंकि जब किसान के पास जमीन ही नहीं रहेगी तो किसान क्या करेंगे।इस कानून के आने से क्या भयावह स्थिति उतपन्न होगी ये सबको पता है। हम सभी संगठनों से अपील कर रहे हैं कि इस आंदोलन को मजबूत करें।

कृषि कानून एक तरह से नील की खेती वाली और अंग्रेज वाली ही स्थिति है। हर किसी को मजदूर बनाकर छोड़ा जाएगा। कुछ समय बाद जब इसके फायदे पूछे जाते हैं तो सरकार कुछ बताने की स्थिति में नहीं होती है। इतना कहने के साथ ही, तेजस्वी ने ऐलान किया कि कल यानी शनिवार को पटना के गांधी मैदान (Gandhi Maidan) में महागठबंधन में शामिल दल किसान आंदोलन के सपोर्ट में महाधरने पर बैठेंगे।बकौल तेजस्वी केंद्र सरकार बस इसी कोशिश में रहती है कि वो कैसे सभी का ध्यान मुद्दे से भटका सके, लेकिन इस बार महागठबंधन ऐसे होने नहीं देगी। हमारी पार्टी ने सभी नेताओं के साथ विमर्श भी किया है और कल आरजेडी इसी मसले को लेकर सुबह 10 बजे से पटना के गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के पास धरना देगी क्योंकि ये गांधी जी के विचारों से जुड़ा मसला है।धरना में महागठबन्धन के सभी दल शामिल होंगे।

सवाल यह है कि एमएसपी को ही जब समाप्त कर दिया गया तो किसानों की आय दोगुनी कैसे होगी।तेजस्वी ने किसानों और संगठनों से अपील करते हुए कहा कि इस काले कानून के खिलाफ आप सड़कों पर आएं और कानून के खिलाफ मजबूत विरोध दर्ज करें। राजद नेता ने कहा कि कानून बनाने से पहले केंद्र सरकार को एक बार परामर्श करनी चाहिए थी पर सरकार ने नहीं किया। अब स्क्रिप्ट में दिखा रही है कि किसानों को फायदा होगा। किन्तु जवाब होगा तब तो मिलेगा। ऐसी सरकार जो झूठी सरकार हो। पहली बार एनडीए सरकार में परम्परा चल रही। झूठ बोलो, शानदार बोलो और बारबार बोलो। जो अधिकारी दिया उसे पढ़कर बोल दिया।