उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बेहतर हो जायेगा आवागमन, 2022 में शुरू होगा NH-31 से NH-80 को जोड़ने वाला अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु

Sultanganj Mahsetu

न्यूज डेस्क : खगड़िया और भागलपुर को जोड़ने वाली गंगा नदी पर बनाये जा रहे अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु निर्माण कार्य गति धीमी पड़ गई है। चुकी: अभी गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर है। आपको बता दे की यह पुल निर्माण होने से खगड़िया और भागलपुर की कनेक्टिविटी सीधे जुड़ जाएगी। बरहाल, भागलपुर में विक्रमशिला सेतु बनने से पहले यह घाट देवघर जाने वाले कांवरियों का मुख्य मार्ग हुआ करता था। ऐसा माना जा रहा है कि इस फोरलेन पुल के निर्माण के साथ ही इस घाट तथा रुट का पुराना महत्व वापस न केवल आ जायेगा। बल्कि यह उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने का सबसे महत्वपूर्ण सेतु बन जायेगा। इस पुल के मध्य में डेक के नीचे झूलता हुआ डॉल्फिन वेधशाला भी पर्यटकों को आकर्षित करेगा। 

यह पुल NH-31 और NH-80 को एक साथ जोड़ेगा: आपको बता दे की यह पुल का शिलान्यास सीएम नीतीश कुमार ने फरवरी 2014 में किया था। इस परियोजना की लागत का आरंभिक मूल्यांकन 1710.77 करोड़ किया गया था। यह पुल निर्माण होने से उत्तर तथा दक्षिण बिहार के बीच की दूरी काफी कम हो जायेगी। साथ ही यह पुल तथा सड़क निर्माण से एनएच 31 तथा एनएच 80 आपस में जुड़ जायेंगे। इस महासेतु की लम्बाई करीब 3.160 किलोमीटर है। जबकि एप्रोच पथ की कुल लम्बाई करीब 25 किलोमीटर है। मालूम हो की आगामी मार्च 2020 तक इस महासेतु पर आवागमन शुरू करने का विभागीय निर्देश है।

बाढ़ के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होने की आशंका है: महासेतु निर्माण कंपनी एसपी सिंगला के परियोजना निदेशक आलोक कुमार झा ने बताया की गंगा की मुख्य धारा में काम ठप हो गया है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण छह से 15 नंबर पिलर में काम बंद हो गया है। फिलहाल, 16 से 30 नंबर पिलर का काम पूरा हो चुका है।और एक से पांच नंबर पिलर में सेगमेंट का कार्य चल रहा है।

2022 में आवागमन शुरू हो जाएगा: प्रोजेक्ट डायरेक्टर आलोक कुमार झा ने बताया गंगा के जलस्तर में वृद्धि से निर्माण कार्य पर असर पड़ा है। तीन माह तक कार्य बाधित रहेगा। परंतु काम जारी रहेगा। जून 2021 में आवागमन चालू होने की संभावना है। ये तो संभावित तिथि बताई जा रही है लेकिन पुल में आवागमन इस साल मार्च में होने की बात कही जा रही थी।

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