पटना मेट्रो की रफ्तार हुई तेज, जानें- अब तक कितना कार्य पूरा हो चुका है, 2923 करोड़ के प्रोजेक्ट का हुआ टेंडर

Patna Metro

न्यूज डेस्क : अब वह दिन दूर नहीं जब बिहारवासी राजधानी पटना में मेट्रो का मजा ले सकेंगे । क्योंकि मेट्रो के निर्माण कार्य में अब तेजी आई है। फिलहाल , पटना मेट्रो में लोगो ( डिजाइन ) का काम तेजी से जारी है। क्योंकि विगत दिनों पहले पटना मेट्रो में “लोगो बनाओ इनाम जीतो” का प्रतियोगिता का ऐलान किया गया था। जिनमें से कई प्रतियोगिताओं ने अपना लोगो बनकर पटना मेट्रो को भेजा था। अधिकारियों की माने तो मेट्रो के निर्माण का काम कर रही दिल्ली मेट्रो रेल कॉपोरेशन से एक साल के भीतर सभी दोनों कॉरिडोर के निर्माण के लिए एक के बाद एक कुल 15 टेंडर जारी कर दिये हैं।

बता दे की इन टेंडरों में करीब 2923 करोड़ रूपये से अधिक के प्रोजेक्ट का काम किया जाना है। इसमें नये एक दो टेंडर को छोड़ कर अब तक अधिकांश निविदा फाइनल हो चुकी है। इसमें कई प्रोजेक्ट पर निविदा से आवंटित कंपनियों ने काम भी शुरू कर दिये हैं।बता दे की कॉरिडोर – 1 में दानापुर-मीठापुर-खेमनीचक से होकर गुजरेगा । जिसमे 7.393 किमी उपरिगामी यानी एलिवेटेड होगा और भूमिगत 10.54 किमी होगा। इस प्रकार कुल 17.933 किमी में कॉरिडोर-एक बनेगा। वहीं कॉरिडोर 2 में पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन- गांधी मैदान-पाटलिपुत्र आइएसबीटी शामिल है। 14.564 किमी के इस कॉरिडोर में कुल 6.638 किमी उपरीगामी और 7.926 भूमिगत होगा।

3 सालों में पूरा होगा ओवरहेड उपकरण लगाने का काम: जानकारी के मुताबिक पटना मेट्रो के ओवरहेड उपकरणों को लगाने पर करीब 144.65 करोड़ की लागत आयेगी। इसे 3 साल यानी 36 माह में पूरा किया जायेगा। इसमें कोरिडोर-एक और कोरिडोर-दो के साथ आइएसबीटी डिपो का भी काम है। पटना मेट्रो की निर्माण कंपनी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने इसके लिए निविदा आमंत्रित की है। 25 केवी के ओवरहेड सिस्टम से जुड़े उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना, टेस्ट और चालू करने के सामूहिक कार्य के लिए करीब 36 माह का समय दिया गया है।

पटना मेट्रो रेल परियोजना में अबतक इन कार्यों को पूर्ण किया जा चुका है: बता दें कि पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में अभी तक इन सभी कार्यों को पूरा किया जा चुका है। जिसमे मेट्रो रेल परियोजना के सर्वेक्षण एवं मृदा की जांच पूर्ण हो चुकी है। साथ ही भू-तकनीकी कार्य और यातायात सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चूका है। और एलाइमेंट के अंतर्गत आने वाले उपयोगी का कार्य पूरे हो चुके हैं। सबसे महत्वपूर्ण कार्य मार्ग में स्थित पेड़ों को काटने और उन्हें अन्यत्र प्रतिस्थापित करने हेतु संयुक्त सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण हो चुका है, तथा वन एवं पर्यावरण विभाग से अनुमति मिल चुकी है। इसके अलावा प्राथमिक कॉरिडोर के तहत पुल और स्टेशन निर्माण कार्य का आवंटन के लिए 552.9 करोड़ की लागत पर कंपनी आवंटित कंपनी काम शुरू कर चुकी है।

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