दूसरों के घर चौका-बर्तन करने वाली मां ने जी तोड़ मेहनत चलाया परिवार, बेटा बना पटना का सेकेंड टॉपर

bihar second state topper

डेस्क : मां-बाप साथ मिलकर अपने बच्चों की परवरिश करते हैं, ऐसे में यह भी होता है कि मां-बाप में से कोई एक साथ छोड़ जाता है। लेकिन, फिर दूसरा पूरी जिम्मेदारी निभाता है। ऐसा ही एक मामला बिहार में सामने आया है जहां पर पिताजी के गुजर जाने के बाद सिर्फ माताजी ने ही अपने बेटे को पढ़ाया है और पूरे बिहार में सेकंड टॉप करवाया है। बता दें कि उसकी मां का नाम रेणु देवी है और लड़के का नाम शुभम कुमार है। शुभम ने विज्ञान विषय में अच्छे अंक हासिल किए हैं, जिसके चलते वह पटना जिले में दूसरे नंबर पर आया है। माता ने दूसरों के घर जाकर चौका बर्तन किया और खूब मेहनत की। लड़के ने अपनी मां की इस मेहनत का सफल परिणाम दिखा दिया है।

शुभम के 464 नंबर आए हैं। शुभम गुदड़ी का रहने वाला है बता दें कि राज्य में अव्वल नंबर सोनाली के आए हैं जो 471 है और उसके बाद शुभम कुमार ने 464 अंक प्राप्त किए हैं। जब यह बात शुभम कुमार की माता जी को पता चली तो वह खुशी से फूली नहीं समाई और हर एक को मिठाई खिलाई। शुभम कुमार को 464 अंक प्राप्त हुए थे। जिसके चलते उसके 92.8 फ़ीसदी प्रतिशत अंक बन रहे हैं। ऐसे में शुभम को रसायन में 95, गणित में 98 अंक मिले हैं। शुभम का कहना है कि भौतिकी में पांच नंबर रह गया। साथ ही अंग्रेजी और हिंदी में कम अंक मिले हैं। अगर यहां पर बात बन जाती तो वह टॉपर बन जाता लेकिन दूसरे स्थान पर आने की खुशी जरूर है। जब शुभम कुमार से पूछा गया कि तुम आगे क्या करना चाहते हो तो उन्होंने कहा कि उन्हें रिसर्च करना काफी पसंद है और आईआईटी से अपनी पढ़ाई करना चाहते हैं। फिर रिसर्च में ही वह प्रयोग करना चाहते हैं।

वह हमेशा से ही साइंस के बारे में सोचते हैं और साइंटिस्ट बनने के सपने देखते हैं। आगे चलकर उनको जीईई का पेपर देना है और फिर आईआईटी में एडमिशन लेना है। शुभम कुमार का कहना है कि काश अगर उसके पास लैपटॉप होता तो उसको पढ़ाई लिखाई में और मदद मिल जाती। हालांकि, जितने भी लोग उसको जानते हैं उसने सब से विनती की है कि अगर कोई भी तरीका हो जिससे लैपटॉप पाया जा सके तो वह उसको बताएं। बिहार बोर्ड में जो मेधावी टॉप तीन छात्र होते हैं, उनको ही लैपटॉप मिलता है।

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