बिहार : तेजस्वी यादव की बड़ी जीत, शराब बरामदगी मामले में विपक्ष के तीखे हमलों के बाद गिरफ्तार होंगे मंत्री के भाई

Tejaswi Ram Murat Rai

शराब बरामदगी मामले में बिहार सरकार के मंत्री रामसूरत राय के भाई हंसलाल राय कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं। हंसलाल राय पर उनके पैतृक जमीन पर बने विद्यालय के माध्यम से तस्करी करने का आरोप है। गौरतलब है कि मंत्री के भाई पर शराब तस्करी का आरोप लगाकर के तेजस्वी यादव समेत पूरे विपक्ष ने जबरदस्त हंगामा किया था।

कभी भी हो सकते हैं गिरफ्तार- मंत्री रामसूरत राय के भाई हंसलाल राय को बिहार पुलिस कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। पुलिस के मुताबिक हंसलाल राय समय 10 आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट के लिए उत्पाद कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। कोर्ट से अनुमति मिलते ही हंसलाल राय समेत सभी आरोपियों की गिरफ्तार किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक हंसलाल राय कोर्ट के समक्ष सरेंडर भी कर सकते हैं।

तेजस्वी ने जोरशोर से उठाया था मुद्दा- नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले को काफी जोरशोर से उठाया था। तेजस्वी यादव ने इस मामले को विधानसभा के भीतर काफी प्रभावी ढंग से रखा था। उन्होंने विधानसभा के बाहर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नीतीश कुमार पर मंत्री रामसूरत राय और उनके भाई को बचाने का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि तेजस्वी और विपक्ष के जबरदस्त हमलों के बाद सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा और आरोपियों के गिरफ्तारी के आदेश देने पड़े।

नीतीश कुमार ने मंत्री को बताया बेकसूर- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए बुधवार को कहा था कि मंत्री रामसूरत राय ने इस मामले में सारी बातों को स्पष्ट कर दिया है और उनकी इस मामले में कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री रामसूरत राय और उनके भाई के बीच जमीनों का बंटवारा बहुत पहले हो चुका था और इस जमीन का मालिकाना हक मंत्री के भाई के पास है। गौरतलब है कि रामसूरत राय मिडिया के सामने आकर कह चूके हैं कि उनकी इस मामले में कोई भूमिका नहीं है और उनके तथा भाई हंसलाल के बीच 2012 में ही जमीनों का बंटवारा हो चुका है।

क्या है पूरा मामला- नवंबर 2020 में मुजफ्फरपुर में हंसलाल राय द्वारा संचालित एक निजी स्कूल से भारी मात्रा में शराब की बरामदगी हुई थी। पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को आरोपी बनाया था तथा अबतक 5 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। पुलिस इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल को मुख्य आरोपी मानती है जबकि विपक्ष तथा प्रिंसिपल के घरवालों ने हंसलाल राय पर शराब तस्करी का आरोप लगाया है।

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