बिहार में नियोजित शिक्षकों को ऐच्छिक तबादले के लिए करना होगा और इंतज़ार, ये है वजह

डेस्क : बिहार में मौजूद नियोजित शिक्षकों की मांगो को लेकर अक्सर ही खबरे देखने, सुनने और पढ़ने को मिलती हैं। इस बार बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए एक और जरूरी खबर हैं। शिक्षकों की मांग है की उनको मिलने वाला तबादला उनके मुताबिक़ हो। इस मांग पर विचार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को तेजी देने के लिए कमेटी का भी गठन किया गया है और यह कमेटी एक या दो मंथन के बाद अपने विचार पेश कर देगी।

हालाँकि यह तबादला शिक्षकों की बिहार शिक्षक नियोजन नियमावली में मौजूद था। लेकिन, स्वेच्छा से तबादले की मांग शिक्षकों ने जुलाई 2020 में की थी जिसको लेकर अब यह प्रक्रिया तेज हो गई है। सितम्बर में इस कमेटी का गठन शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल सिंह के नेतृत्व में हुआ था। कमेटी गठन करने का फॉर्मूला उनके द्वारा ही दिया गया था। यह कमेटी एक महीने के अंदर बननी थी। लेकिन, इसके बाद चुनाव आ गए और यह कार्य अधूरा ही रह गया। चुनाव जैसे ही ख़तम हुए तो उसके बाद शिक्षकों की मांग के मामले ने फिर से तूल पकड़ ली और कमेटी की अब तीसरी बैठक होने वाली है जिसके नतीजों का इंतजार हर शिक्षक को है।

आपको बता दें की शिक्षकों के यह तबादले ऑनलाइन माध्यम के ज़रिये ही लिए जायेंगे। यह एक आधुनिक तकनीक वाली प्रक्रिया है जिसमें सॉफ्टवेयर और आईटी एक्सपर्ट भी रहेंगे और सिर्फ तीन विकल्प दिए जायेंगे। इसके तहत शिक्षक अपने अनुसार जिले के भीतर पसंदीदा जगह को चुन सकेंगे। इस सॉफ्टवेयर पर सारा नियंत्रण कमेटी का रहेगा और किसको वरीयता प्राप्त होगी, इसका कार्य भी कमेटी ही देखेगी। जनवरी के आखिरी हफ्ते में यह साफ़ हो जायेगा की स्वेच्छा अनुसार शिक्षित नियोजक कैसे अपना तबादला अपने अनुसार तय कर पाएंगे।