बिहार के सहरसा की बेटी को मिला साउथ की फिल्म में लीड हिरोइन का रोल, सोशल मीडिया ने दिलाई थी पहचान, युवाओं के लिए प्ररेणादायक है संघर्ष

Suchita Basu Bihar

न्यूज डेस्क : किसी ने सच ही कहा है। अगर आप में प्रतिभा हो तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। ऐसा ही कुछ करनामा सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड अंतर्गत सितुआहा पंचायत के महामहादेव मठ गांव निवासी सुरेंद्र यादव की पुत्री सचिता बसु ने कर दिखाया है। सचिता बसु को अब साउथ फिल्म फिल्म से भी ऑफर आने लगे हैं। अभी हाल ही में एक फिल्म में लीड हीरोइन की भूमिका निभाने का ऑफर मिला है।

टिक टॉक से हुई थी करियर की शुरुआत… सचिता बसु सबसे पहले इंटरनेट के फनी और मजेदार एप टिक टॉक से अपना केयर की शुरुआत कि थी। जो, कि अब बंद हो चुका है। आपको बता दें कि इंटरनेट पर सचिता बसु के इतने Fans हो गए थे। की टिक टॉक पर पूरे 1 साल में 3 मिलियन ( 30 लाख) फॉलोवर हो गए थे। और धीरे-धीरे आंकारा बढ़ ही रहा था कि भारत सरकार द्वारा टिक टॉक पर बैन लगा दिया गया। एक छोटे से गांव से निकली इस लड़की की इस प्रतिभा के सभी लोग कायल हो चुके हैं।

बचपन से भागलपुर में पली-बढ़ी है… संचिता बसु ने बताया कि वह माउंट कारमेल स्कूल, भागलपुर में दसवीं की छात्रा है। और वह बचपन से ही भागलपुर में रहती है। तथा वह इस बार बिहार बोर्ड मे मैट्रिक की परीक्षा भी देगी। उन्होंने बताया परीक्षा के तुरंत बाद वह साउथ फिल्म मे शूटिग कें लिए हैदराबाद के लिए रवाना होगी। उन्होंने बताया कि शुरू से ही वे अभिनय के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहती थी। साउथ की फिल्म में लीड हीरोइन का रोल मिलने से उनका सपना सच साबित होने जैसा है।

मां पिताजी का भरपूर सहयोग मिला… संचिता बताती हैं। वह अपने घर में ही टेलीविजन पर डांस देखा करती थी और मोबाइल पर शॉर्ट वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डालने करती थी। जब मां और पिताजी को पता चला तो उन्होंने डाटने की मेरा पूरा सहयोग किया। मेरी मौसी की पुत्री नीतू कुमारी मेरा वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड किया करती थी। उससे मुझे पूरा सहयोग मिला

टिक टॉक बैन के बाद सनैक पर वीडियो बनाना शुरू किया.. सचिता ने बताया टिक टॉक बंद होने के बाद मुझे ऐसा कभी नही लगा की अब क्या होगा। फिर धीरे-धीरे मैंने सनैक पर वीडियो डालना शुरू किया। जो कि पूरे 3 महीने में 9M ( 90 लाख) फॉलोवर्ष हो गए। स्नेक एप पर स्टार के रूप में प्रसिद्ध होने के बाद मुझे गाने का ऑफर मिला। जिसमें फिर से उड़ना एल्बम में उन्हें गाने का अवसर मिला। जिसमें कोरोना महामारी के बीच सकारात्मक सोच के साथ लोगों को कोरोना वायरस से लड़ने की प्रेरणा देती नजर आई। जी म्यूजिक के बैनर तले उन्होंने कई एल्बम में काम किया है। फिल्मी कैडी एंटरटेनमेंट के निर्माता हरेश तोगानी, सुशील पांडे के प्रयास से वह गाना गा चुकी हैं। गीत के म्यूजिक डायरेक्टर एलके लक्ष्मीकांत हैं। गाने में सिगर बृजेश शांडिल्य ने भी साथ दिया है।

सचिता के पिता किसान और माँ गृहिणी है… आपको बता दें की संचिता के पिता पेशे से एक छोटे से किसानों हैं। जबकि, माता गृहिणी हैं। उनके माता-पिता ने बताया कि संचिता को शुरूआत से ही फिल्म के प्रति लगाव था। वो वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डालती थी। उनलोगों ने बेटी को कभी रोका नहीं। कहा कि जब तक आप अपने बच्चों पर भरोसा नहीं करेंगे तब तक वो अच्छा नहीं कर सकेंगे।

सचिता ने बताया बेटियां को आगे बढ़ने का अवसर दें… संचिता बसु ने बताया की गांव के सभी अभिभावकों से मैं अपील करना चाहूंगी। आप अपने पुत्री को उनके प्रतिभा के अनुरूप उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। एवं उन्हें भरपूर सहयोग करें। बेटियां सिर्फ घर में रोटी सेकने के लिए नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि गांव में टैलेंट की कमी नहीं है बस आवश्यकता है परख कर उसे निखारने की।

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