सौतेली बहन से मिलने उनके घर पहुंचे चिराग, दीदी के गले लग अपने पिता को याद कर फिर हुए भावुक, बिखरे रिश्ते हुए एक

न्यूज डेस्क : लोजपा में दिल्ली से शुरू हुई लड़ाई अब बिहार तक पहुंच गया है। मगर, फिर भी विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बता दें कि लोजपा में सर्वप्रथम चाचा भतीजे के बीच अध्यक्ष पद को लेकर शुरू हुई लड़ाई अब खनदान के खून संघर्ष तक पहुंच गई है। इसी बीच चाचा पारस ने चिराग पर एक विवादित बयान देकर फिर से सुर्खियों में आ गया है। बता दें कि मंत्री पद संभालते ही उन्होंने कहा- मैं रामविलास पासवान तो नहीं हो सकता, लेकिन उनका कुछ न कुछ गुण तो मुझमें जरूर है। मैं रामविलास का खून तो हूं ही। इस सफेद दामन पर दाग नहीं लगने दूंगा। चिराग को विचार करना चाहिए। मुकदमे से आखिर क्या हासिल होने वाला है।

चिराग को आशीर्वाद यात्रा के दौरान भरपूर समर्थन मिल रहा है: बता दें कि चिराग अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान के जयंती पर उन्होंने 5 जुलाई को हाजीपुर के सुल्तानपुर से आशीर्वाद यात्रा के प्रारंभ की थी।क्योंकि रामविलास पासवान का सुल्तानपुर से उनका गहरा नाता संबंध था। यह यात्रा समस्तीपुर और बेगूसराय होते हुए खगड़िया पहुंच गई। बता दें कि यात्रा के उपरांत चिराग सर्वप्रथम पटना पहुंचे। उसके बाद वो कहते हैं ना कि जब आदमी जग से हारता है तो अपने घर में अपनों का साथ ढूंढता है। कुछ ऐसा ही चिराग ने किया। बता दे की आशीर्वाद यात्रा के दौरान उन्होंने सर्वप्रथम पटना स्थित अपनी बड़ी बहन आशा पासवान से मिले। और गले लगते ही फूट-फूट कर रोने लगे। फिर बड़ी बहन ने उन्हें आशीर्वाद दिया। और फिर चिराग आगे की यात्रा के लिए निकल पड़े।

यात्रा के दौरान बेगूसराय पहुंच कर पूर्व मंत्री रामजीवन सिंह से मिले: बता दें कि चिराग बछवारा के रास्ते बेगूसराय में एंट्री की। और प्रवेश करते ही कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। बता दें कि इस भीड़ में सिर्फ लोजपा कार्यकर्ता-नेता ही नहीं शामिल थे, बल्कि आम शहरी और ग्रामीण भी उत्साह के संग मौजूद थे। इससे साफ पता चल रहा है कि चिराग को बिहार की जनता उन्हें आशीर्वाद देना जा रही है।

दूसरों में उन्होंने विभिन्न पर्यटन स्थलों का दौरा किया उसके बाद पूर्व मंत्री रामजीवन सिंह के आवास पर पहुंचे और उनसे आशीर्वाद लिया। आपको बता दें कि पूर्व मंत्री रामजीवन सिंह का आशीर्वाद चिराग के लिए अभी की बदली राजनीतिक परिस्थिति में महत्वपूर्ण है। इन दोनों की एक दूसरे से यह पहली मुलाकात थी। उन्होंने पूर्व मंत्री के साथ बैठकर करीब एक घंटे तक बातचीत की एवं अपने चाचा पारस से जुड़ी बातें भी बताई। उसके बाद खगड़िया के लिए प्रस्थान कर दिए।

खगड़िया पहुंचते ही बड़ी मां के गले लग खूब रोए चिराग: चिराग के खगड़िया पहुंचते ही जिला के सीमा पर कार्यकर्ताओं ने जमकर स्वागत किया। साथ सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने शहर भ्रमण व विभिन्न स्मारकों पर प्रतिमाओं पर पुष्प माला के साथ चिराग का स्वागत किया। इसके बाद सीधा चिराग अलौली प्रखंड स्थित शहरबन्नी पहुंचे। जहां पर उन्होंने अपनी बड़ी मां राजकुमारी देवी से मुलाकात की।

बता दे की जैसे ही चिराग गांव पहुंचते और अपने बड़ी मममां का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। और फिरफूट-फूट कर रोने लगे। चिराग ने अपनी बड़ी मां से अपने चाचा की शिकायत करते हुए भावुकता से कहा- मां चाचा ने मेरे साथ गलत किया है। राजकुमारी देवी भी उन्हें सांत्वाना देती नजर आयीं। चिराग परिवार के सभी सदस्यों से आशीर्वाद मांगा। इस बीच वे बड़ी मां के साथ बैठकर बात भी की और हाल जान। इस दौरान चिराग के कई बार आंख डबडबा गए। उसकी बड़ी मां ने चिराग को अपने हाथों से खीर खिलाया। इस दौरान राजकुमारी देवी ने बताया कहा तुम अपने को अकेले क्यों समझ रहे हो, हम लोग हैं न तुम्हारे साथ।

लोजपा को तोड़कर पशुपति पारस ने ठीक नहीं किया: आगे राजकुमारी देवी ने बताया -पशुपति पारस ने चिराग के साथ बहुत गलत किया है। बता दें कि हाल में ही मोदी कैबिनेट के विस्तार के बाद चिराग पासवान को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर भी राजकुमारी देवी ने कहा कि नरेंद्र मोदी को चिराग पासवान को मंत्रिमंडल में जगह देनी चाहिए थी। पनरेंद्र मोदी पर उन्‍होंने काफी भरोसा है। चिराग ने हमेशा पीएम मोदी के कार्यों की प्रशंसा की है। उन्होंने यह भी कहा था कि राम विलास पासवान का उत्‍तराधिकारी चिराग ही है इसलिए उसे ही मंत्री बनाना चाहिए था। उन्‍होंने यह भी कहा था कि लोजपा को तोड़कर पशुपति कुमार पारस ने ठीक नहीं किया। परास और लोजपा के सांसदों ने राम विलास पासवान के साथ धोखा किया है। बता दे की राजकुमारी चाहते हैं की पूरा परिवार एक साथ रहे हैं। खासकर, पारस को अभिभावक रूप में पहल करना चाहिए।

खगड़िया से लौटने के बाद चिराग बड़ी बहन उषा से मिले: बता दें कि शुक्रवार को अपने पैतृक गांव शहरबन्नी से लौटने के बाद आज आज चिराग अपनी बड़ी बहन उससे मिली। इस दौरान उषा ने चिराग पासवान की आरती भी उतारी। बता दे की शनिवार को चिराग अचानक अपनी बड़ी बहन उषा पासवान के घर पहुंच गई। जब चिराग अपनी बड़ी बहन से मिले तो दोनों की आंखों में प्यार के सैलाब बह रहे थे। काफी अरसे बाद भाई ने अपनी बहन को देखा था और बहन ने अपने भाई को। बहन के घर पर चिराग पासवान का स्वागत किया गया। आरती भी उतारी गई। बता दे की सौतेली बहन उषा पासवान के परिवार के सभी सदस्यों ने चिराग पासवान को खूब प्यार दिया और आगे समर्थन देने की बात कही

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