मुंगेर में गंगा नदी के ऊपर रेल-सह-सड़क पुल साल के अंत तक होगा चालू , खगड़िया और बेगूसराय से मुंगेर का सफर अब तय होगा सिर्फ 1.5 घंटे में

Munger Bridge Start

डेस्क : बिहार के औद्योगिक जिला बेगूसराय और ऐतिहासिक नगरी मुंगेर को जोड़ने वाली मुंगेर रेल सह सड़क पुल का कार्य अब अंतिम चरणों पर है। सरकारी विभागों के अनुसार इस साल यानी 2021 के अंत तक इस पुल पर गाड़ियों का आवागमन शुरू हो जाएगा। बता दे की इसका अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है। केवल 14.51 किमी लंबाई में दो लेन के सड़क पुल के एप्रोच रोड को बनाने का काम जोरो शोरो से चल रहा है। हालांकि, जमीन अधिग्रहण की समस्या अभी भी अटकी हुई है। अधिकारियों की माने तो 500 मीटर की लंबाई में बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम अगले महीने तक पूरा होने की संभावना है।

करीब 19 साल से अटका हुआ है यह एप्रोच पुल: बता दे की मुंगेर रेल सह सड़क पुल का निर्माण कार्य करीब 18 साल से अटका हुआ है। पुल का शिलान्यास 26 दिसंबर, 2002 को ही तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। जबकी, रेलगाड़ी परिचालन के लिए मार्च 2016 को ही खोला दिया गया था। अंतत: 11 अप्रैल 2016 को रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा द्वारा बेगूसराय-जमालपुर डेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसे पैसेंजर ट्रेनों के लिए खोला गया था। 921 करोड़ रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण 2007 में ही पूरा होने का लक्ष्य रखा था। फिर बाद में जमीन अधिग्रहण की समस्या के कारण इसकी लागत में बढ़ोतरी हो गयी। और फिर 16 नवंबर, 2015 को पुल के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 2774 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी।

पुल बन जाने से इन जिलों को होगा फायदा: बता दे की मुंगेर रोड एप्रोच पथ बन जाने से बेगूसराय खगड़िया और मुंगेर एक कनेक्टिविटी में जुड़ जाएगी। जिससे यात्रियों तथा व्यापारियों का मार्ग और सुगम हो जाएगा। एप्रोच पथ बन जाने से खगड़िया और बेगूसराय की दूरी मुंगेर से महज 30 से 40 किलोमीटर तक हो जायेगी। जिससे मुंगेर से खगड़िया और बेगूसराय का सफर 1.5 घंटे में तय हो सकेगा। फिलहाल, बेगूसराय से मुंगेर जाने के लिए लोगों को सड़क मार्ग से करीब 160-170 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ता है। अगर रेल मार्ग की बात करें तो सब्दलपुर जंक्शन खगड़िया और बेगूसराय दोनों को एक साथ जोड़ता है।

फिलहाल, कुछ ट्रेनों का परिचालन शुरू है: बता दें कि मुंगेर रेल पुल पर अभी कुछ ही ट्रेनों का आवागमन शुरू है। जबकि, मुंगेर रेल पटरियों का कार्य 2016 में ही पूरा हो चुका था। लेकिन अभी तक सही ढंग से रेल परिचालन नहीं हो रहा है। अगर पैसेंजर ट्रेन की बात करें तो एक ही डेमो गाड़ी तिलरथ-जमालपुर दो फेरे चलाई जाती है। जबकि, यही गाड़ी खगड़िया के लिए भी दो फेरे चलाई जाती है। वही एक्सप्रेस के रूप में एक भागलपुर-जयनगर स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। वह खगड़िया के लिए जमालपुर-सहरसा एक स्पेशल एक्सप्रेस चलाई जा रही है।

You cannot copy content of this page