नतीजों से पहले ही अनंत सिंह के घर भोज की तैयारी, हजारों लोगों के लिए बन रही है पूड़ी-सब्जी

डेस्क : बिहार के बाहुबली विधायकों में से एक विधायक अनंत सिंह के आवास पर जश्न की तैयारियां शुरू हो गई है। आपको बता दें कि इस वक्त वह जेल में बंद है लेकिन एग्जिट पोल के नतीजे के हिसाब से यह आशवस्ति दिखाई जा रही है कि इस बार राजद की जीत पक्की है। जिसके, चलते जश्न की तैयारियां चालू हो गई हैं। ऐसे में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी का मानना है कि इस बार राजद की जीत होने वाली है और एग्जिट पोल ही नहीं बल्कि 10 तारीख के परिणामों के बाद भी यह जनता के आगे सामने आ जाएगा की जीत राजद की होगी।

अनंत सिंह का आवास पटना में स्थित है और उनके आवास पर ही करीब 20 हजार लोगों के दावत देने की खबर आ रही है। जश्न की तैयारी काफी जोर-शोर से चल रही है और बताया जा रहा है कि पूरे मोकामा के लोगों को इसका आमंत्रण पहुंचाया गया है ऐसे में जो भी इस आवास पर आएगा उसको खाने का पूरा इंतजाम किया गया है।

मोकामा के अनंत सिंह के भोज में खास पकवान इस आवास पर तैयारियों का जायजा लेने के लिए मीडिया कर्मियों ने पूछताछ के दौरान मुख्य खानसामा बैजू सिंह से बात की तो पता लगा कि भोज में पूड़ी, रायता, आलू, गोभी की सब्जी पापड़, आचार, पुलाव, रसगुल्ला बना है ऐसे में यह सब्जियां मंगलवार के लिए लाई जा रही है जिसमें मोकामा की जनता खाना खाएगी।

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में मात्र कुछ ही घंटे बचे हैं और अब वह समय दूर नहीं की आने वाले समय के लिए बिहार का प्रतिनिधि चुन लिया जाएगा। मोकामा के छोटे सरकार के नाम से जाने जाने वाले अनंत सिंह के आवास पर जश्न की तैयारियां जोर शोर से चालू हो गई है। उनके आवास पर हलवाई पहुंच चुके हैं जो कि करीब 20 हजार लोगों का खाना बनाने की तैयारियां कर रहे हैं ऐसे में भव्य पंडाल भी सजाया जा चुका है। जिसकी छत्रछाया में लोग खाना खाने भारी तादाद में पहुंचने वाले हैं।

अनंत सिंह के जेल में होने का कारण बताया जा रहा है कि वह एके-47 के साथ पकड़े गए थे और इसके बाद उन्होंने अपने आप को सरेंडर कर दिया था। सरेंडर करते ही उनको बेउर जेल में भेज दिया गया और वह अपनी सजा बेउर जेल में पूरी कर रहे हैं। अनंत सिंह का राजनीतिक सफर 2005 में चालू हो गया था और वह पहली बार जेडीयू से टिकट लेने के बाद विधायक बने थे इसके बाद उन्होंने जनता के लिए अनेकों काम करें जैसे कि छठ पर धोती बांटना रोजगार के लिए गरीबों को तांगे देकर मदद करना और रमजान के समय में इफ्तार करना। वह लोगों के बीच जाकर लोगों की समस्या समझने लगे थे ऐसे में वह पूरे इलाके के लोगों का मसीहा बनकर उभर के आए थे और लोग उन्हें छोटे सरकार बुलाने लगे थे।