बंद किया जा सकता है पाटलिपुत्र स्टेशन को, हाईकोर्ट ने कहा- अगर रेलवे सुविधा नहीं दे सकता तो बंद कर दे जानें- वजह..

patliputra station will be closed

न्यूज डेस्क(Shiksha Mishra): बिहार के पटना के पश्चिम अंत में रुकानपुरा क्षेत्र में स्थित पाटलिपुत्र जंक्शन मुख्य रूप से शहर के अन्य दो रेलवे स्टेशनों पर दबाव कम करने के लिए विकसित किया गया था, जिसके माध्यम से लगभग 350 ट्रेनें रोजाना गुजरती हैं। यह स्‍टेशन पटना शहर के लोगों के लिए अब काफी महत्‍वपूर्ण हो चुका है। इसके निर्माण के बाद पटना जंक्‍शन और दानापुर स्‍टेशन पर लोड काफी कम हुआ है। पर इन दिनों पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन को सभी ओर से जोड़ने के लिए बनाये जाने वाली सड़कों के निर्माण मामले पर पटना हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। वही सड़क निर्माण में आने वाले खर्च का हिस्सा देने में रेल आनाकानी कर रही है। रैलवे के इस बर्ताव पर कोर्ट ने रेलवे को स्टेशन बंद कर देने की बात तक कह डाली ।

जानें- क्या है पूरा मामला?

दरअसल, पाटलिपुत्र स्‍टेशन पर उचित रास्‍ता नहीं होने के कारण स्‍टेशन से आधा किलोमीटर दूर के लोगों को भी यहां आने के लिए कई मिल का फासला तय करना पड़ता है। कुछ वक्त पहले भरत प्रसाद सिंह ने एक लोकहित याचिका पटना हाईकोर्ट में दायर की थी जिसमें रेलवे के आसपास सड़क निर्माण के लिए दरखवास्त की गई थी। अब मांगलवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि जब स्टेशन रेलवे ने बनाया हैं, तो उसे जोड़ने वाली सड़क बनाने की जिम्मेदारी भी उसी की है। पर रेल इसपर पैसे खर्च करने में आनाकानी कर रही थी । जिसके बाद पटना हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि रेलवे यात्रियों के लिए सुविधाएं मुहैया नहीं करावा सकता, तो इसे बंद करना ही ठीक होगा।

पटना हाईकोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

पटना हाईकोर्ट ने रैलवे के ऐसे बर्ताव को देखते हूए कहा कि उक्त रेलवे स्टेशन से जुड़े निर्माण का जिम्मा रेलवे को ही लेना होगा। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि रेलवे प्रशासन सड़क निर्माण लागत में राशि शेयर करने को लेकर सहमत नहीं होता है, तो हाई कोर्ट पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन को बंद करने का आदेश भी दे सकता है। अदालत ने कहा कि रेलवे को ही लागत का सौ फीसद खर्च उठाना चाहिए, क्योंकि पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन की जिम्मेदारी रेलवे की ही हैं। वही इस मामले पर अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को की जाएगी,

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